थाना जहॉनाबाद की एक 30 वर्षीय विवाहिता ने अपने ही चार सगे मौसेरे भाइयों पर हफ्ते भर पहले सामूहिक दुराचार करने का आरोप लगाया है। पुलिस के कार्रवाई न करने पर पीड़िता सोमवार को एसपी से मिली। एसपी ने खुद जानकारी करने के बाद पीड़िता से महिला पुलिस को बुलाकर पूछताछ कराई तो प्रधानी चुनाव में महिला के वोट न देने पर उसके मौसेरे भाइयों द्वारा प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। एसपी ने एसओ को मौके पर भेजकर जांच कर पीड़िता की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को एसपी से मिलने गांव की एक महिला के साथ पहुंची विवाहिता ने बताया कि उसका पति पेशे से चालक है। पति आए दिन बाहर रहते हैं। वह अपने दो बच्चों और सास के साथ घर पर रहती है। तीन जनवरी 16 की दोपहर वह शौच को गई थी। पीछे से पहुंचे उसके चार सगे मौसेरे भाइयों ने उसे दबोच लिया और गन्ने के खेत में खींच ले गए। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की और चारों ने सामूहिक दुराचार किया। अस्मत लूटने के बाद चारो आरोपी मौके से भाग निकले। उसने घर पहुंचकर अपनी सास को पूरी घटना बताई। उसी दिन वह अपनी सास के साथ थाने गई और घटना की तहरीर पुलिस को दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन पुलिस ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता ने एसपी के सामने पेश होकर जब अपने ही चार सगे मौसेरे भाइयों पर गैंगरेप करने की बात बताई तो एसपी हतप्रभ रह गए। एसपी ने महिला से पहले खुद प्रारंभिक जानकारी ली, बाद में मामला संदिग्ध लगने पर सिपाही गायत्री देवी से घटना का बाबत पीड़िता से पूछताछ कराई। पूछताछ में मामला प्रधानी की चुनावी रंजिश का निकला।
एसपी जवाहर ने बताया कि पीड़िता ने जब चार सगे मौसेरे भाइयों पर आरोप लगाया तो वह दंग रह गए। उन्होंने पीड़िता को महिला सिपाही गायत्री देवी के पास भेजकर पूछताछ कराई तो महिला ने बताया कि आरोपी वर्तमान प्रधान को सपोर्ट कर रहे थे। उसने दूसरे प्रत्याशी को वोट दिया था। प्रधान की जीतने के बाद से आरोपी उसे प्रताड़ित कर रहे थे। इससे परेशान होकर उसने गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना की सत्यता परखने के लिए एसओ को मौके पर भेजा गया है और जांच के बाद महिला की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।