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दुराचारी तक पहुंचने के  लिए होगा डीएनए टेस्ट

Sun, 22 May 2016 10:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
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दुष्कर्म - फोटो :
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दृष्टिहीन किशोरी से दुराचार कर उसे गर्भवती करने के मामले में उसके पिता और भाई पर लगे आरोपों की सत्यता जानने के लिए पुलिस किशोरी, उसके गर्भ में पल रहे शिशु और नामजद आरोपी भाई और उसके पिता का डीएनए टेस्ट कराएगी। पुलिस इस मामले की सच्चाई जानने के प्रयास में जुटी है। यही वजह है कि हिरासत में लिए गए किशोरी के पिता को दूसरे दिन भी पुलिस ने फिलहाल जेल नहीं भेजा है। दूसरे दिन भी पुलिस उससे पूछताछ करती रही। उधर, दूसरे आरोपी भाई को पुलिस अभी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। 
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शहर के एक मोहल्ले की दृष्टिहीन किशोरी के एक भाई ने पुलिस को तहरीर देकर अपने ही पिता और भाई पर दुराचार करने का आरोप लगाया था। किशोरी इस समय चार-पांच माह की गर्भवती है । मेडिकल जांच में भी इसकी पुष्टि हो गई है। इस मामले में पुलिस ने काफी पड़ताल के बाद आरोपी पिता को शनिवार को ही हिरासत में ले लिया था, जबकि आरोपी भाई फरार हो गया था। रविवार को सुबह पुलिस हिरासत में लिए गए पिता को जेल भेजने की बात कर रही थी, लेकिन उससे और पूछताछ करने के चलते पुलिस ने उसे जेल नहीं भेजा। पुलिस फरार आरोपी भाई की तलाश कर रही है। उधर, पुलिस ने किशोरी का मेडिकल भी कराया है, जिसकी सभी रिपोर्ट अभी पुलिस को प्राप्त नहीं हुई हैं। इस बावत जानकारी करने पर सदर कोतवाल बीके गौतम ने बताया कि मामला काफी पेचीदा और संवेदनशील है। इसलिए सभी पहुलओं को ध्यान में रखते हुए की जांच चल रही है। आरोपी पिता से भी पुन: पूछताछ की गई है। कुछ साक्ष्य भी एकत्र करने का प्रयास किया जा रहा है।

सच्चाई जानने को पुलिस कराएगी डीएनए
दृष्टिहीन किशोरी के साथ पिता व सगे भाई द्वारा दुराचार के मामले में पुलिस पशोपेश में हैं। हालांकि किशोरी के दूसरे भाई की तहरीर के आधार पर उसने पिता और एक भाई के खिलाफ दुराचार, पाक्सो एक्ट सहित तमाम धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन पुलिस या समाज कोई भी इस घटना को आसानी से स्वीकारने को तैयार नहीं है। पुलिस जहां किशोरी को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है वहीं कलंकित हुए पिता और भाई के आरोपों की भी सही पड़ताल कर सच्चाई जानने की कोशिश में जुटी है। इसके लिए पुलिस अब किशोरी के गर्भ में पल रहे शिशु और आरोपियों का डीएनए टेस्ट कराएगी। सीओ सिटी निर्मल सिंह विष्ट ने बताया कि उन्होंने मामले में डीएनए टेस्ट कराने के आदेश सदर कोतवाली पुलिस को दिए हैं। डीएनए से सच्चाई सामने आ सकेगी।
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किशोरी और उसके बच्चे के भविष्य पर भी संकट
दृष्टिहीन किशोरी से दुराचार के मामले में उसके पिता और भाई को जहां लगे आरोप का सामना करना होगा वहीं किशोरी के गर्भ में पल रहे बच्चे के साथ उसके भविष्य पर भी संकट के बादल छाए हुए हैं। सवाल यह उठता है कि क्या कम उम्र में वह बच्चे को सुरक्षित जन्म दे सकेगी। वहीं यदि बच्चे का जन्म हो जाता है तो उसका भविष्य क्या होगा? बच्चे को पिता का नाम देने के साथ किशोरी की बाकी जिदंगी कैसे गुजरेगी यह बड़ा सवाल है।

किशोरी के गर्भ में पल रहे शिशु का डीएनए टेस्ट हो सकता है। आरोपियों का डीएनएन टेस्ट होने के बाद यह आसानी से पता चल जाएगा कि किशोरी के गर्भ में पल रहा शिशु आरोपियों में से किसी का है अथवा नहीं।
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- डा. रश्मि प्रकाश, स्त्री रोग विशेषज्ञ
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