सरकार पिछले दो साल से किसान वर्ष मनाने का ढिंढोरा पीट रही है। वहीं जिला मुख्यालय से 150 किमी दूर एक गांव की एक किसान की विधवा कृषक दुर्घटना बीमा पाने के लिए तीन साल से भटक रही है, लेकिन जिला प्रशासन अब तक उसे कृषक दुर्घटना की स्वीकृत धनराशि उपलब्ध नहीं करा सका है। महिला ने एक बार फिर डीएम ने न्याय की गुहार लगाई है।
पूरनपुर ब्लाक के सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव बागर निवासी अवनीश कुमार की ट्रैक्टर पलटने से 31 दिसंबर 2013 को मृत्यु हो गई थी। उनकी मृत्यु के बाद पत्नी रेखा देवी ने कृषक दुर्घटना बीमा की औपचारिकताएं पूर्ण कर आवेदन भूलेख अधिकारी पीलीभीत के कार्यालय में जमा किए। इस पर योजना के तहत पांच लाख रुपये की धनराशि भी स्वीकृत हो गई, लेकिन विभागीय बाबू की हठधर्मिता के कारण उसे आज तक धनराशि नहीं मिली है। इसको लेकर वह कई बार अधिकारियों एवं भूलेख लिपिक से भी मिल चुकी है लेकिन उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। इस पर महिला ने भाजपा नेता अशोक राजा के साथ डीएम से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई। महिला का कहना है कि उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर है और पति की मौत के बाद उसकी दो बेटियों की जिम्मेदारी उस पर है। पिछले तीन साल से वह जिला मुख्यालय के चक्कर लगा रही है। महिला ने बताया कि उसे एक पत्र मुख्यमंत्री को भेजकर उसे उसका हक दिलाने की मांग की है।