पर्स चोरी और एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजे गए दो भाइयों को बेकसूर बताते हुए एक युवती ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोला है। सेहरामऊ और जीआरपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। यही नहीं एसपी को दिए गए पत्र में न्याय न मिलने पर पूरे परिवार के साथ आत्महत्या करने की चेतावनी दी है।
सेहरामऊ थाना क्षेत्र के महादेव माती गांव की रहने वाली सुरभि सिंह ने एसपी को दिए पत्र में बताया कि नौ मई की सुबह जीआरपी पुलिस उसके घर में घुस आई और उसके छोटे भाई को पकड़कर ले गई। पुलिस ने उसको गलत तरीके से फंसाकर पर्स लूटने के आरोप में चालान कर दिया। इसके बाद 26 मई को जेल में बंद भाई से मिलकर पीड़िता का दूसरा भाई मोहित मां के साथ घर लौट रहा था। आरोप है कि रास्ते में सेहरामऊ पुलिस पूछताछ करने के बहाने उसक ो पकड़कर ले गए। दूसरे दिन छोड़ देने की बात कही, लेकिन पुलिस ने बाद में गलत तरीके से उस पर पांच किलो डोडा और एक तमंचा बरामद दिखा दिया। उसको लाकर जीआरपी पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। यहां आरोप है कि छोड़ने के नाम पर पचास हजार रुपये मांगे गए, जिसमें से तेईस हजार रुपये पीड़िता ने दे भी दिए। इसके बाद उस पर भी पुलिस ने पर्स लूट का केस लगा दिया। आरोप है कि पुलिस ने दोनों भाइयों को गलत तरीके से फंसाया है। यह भी दावा किया कि जिस दिन मोहित पर घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया गया है उस दिन वह काम पर गया हुआ था, जिसके पुख्ता सबूत भी परिवार के पास हैं। एसपी से जीआरपी और सेहरामऊ पुलिस की शिकायत कर महिला ने निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा यह भी चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह पूरे परिवार के साथ आत्महत्या कर लेगी। एसपी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि महिला की शिकायत पर पूरनपुर सीओ को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जायेगी।