वनविभाग की टीम ने बाघ की हत्या मामले में फरार चल रहे शिकारियों में एक को पताबोझी में उसके घर पर छापा मारकर बाघ की खाल समेत गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को उसे जेल भेज दिया गया। दो शिकारी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
टाइगर रिजर्व की बराही रेंज की टीम ने चार जनवरी को एसटीएफ इंस्पेक्टर पीके मिश्रा के सहयोग से बाघ की हत्या मामले का खुलासा कर तीन शिकारी पताबोझी निवासी रामदुलारे, गयादीन और गांव भटपुरवा गोला गोकर्णनाथ निवासी राजू को गिरफ्तार किया था। तीनों ने अपने छह अन्य साथियों के नाम पता बताने के साथ ही अक्तूबर 2014 में बराही रेंज में बाघ की हत्या करना स्वीकारा था। तीनों को जेल भेजने के बाद आठ जनवरी को पताबोझी निवासी लालजीत, पीतम और राजू को गिरफ्तार कर छह किलो हड्डियां बरामद की थीं। छह को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस को तीन की और तलाश थी। मंगलवार की रात बराही रेंजर अनिल शाह ने मुखबिर की सूचना पर पताबोझी निवासी छोटेलाल को घर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से करीब लगभग सवा साल पुरानी बाघ की खाल भी बरामद की गई। बुधवार को उसे जिला मुख्यालय लाया गया। प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में शिकारी को प्रेस के समक्ष पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
3.02 मीटर लंबा था बाघ
अक्तूबर 2014 में शिकारियों के हाथों जहर देकर मारे गए बाघ की लंबाई 3.02 मीटर थी। इसका खुलासा गिरफ्तार शिकारी छोटेलाल के पास से मिली खाल से हुआ है। खाल की लंबाई 3.02 मीटर है साथ ही इसे इतनी होशियारी से उतारा गया कि पैर के नाखून खाल में भी सही सलामत लगे हुए हैं।
मास्टर माइंड अभी भी गिरफ्त से बाहर
बाघ की हत्या के मामले में सात शिकारी जेल जा चुके हैं लेकिन अभी भी दोनों मास्टर माइंड फरार हैं। डीएफओ कैलाश प्रकाश के अनुसार बाघ की हत्या करने और खाल उतारने के मामले में मैनाकोट निवासी कंधई और पताबोझी निवासी दाताराम की मुख्य भूमिका है। दोनों की गिरफ्तार का प्रयास किया जा रहा है।