अमरिया तहसील क्षेत्र के खेतों में घूम रहे बाघ ने क्योलारा फार्म पर दस्तक दी। बाघ ने जंगली सुअर को हमला कर निवाला बना लिया। खेत में शव पड़ा मिलने पर ग्रामीणों को हमले की भनक लगी तो दहशत फैल गई। वन विभाग की निगरानी टीम ने मौके पर जाकर जानकारी जुटाई और बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए।
क्योलारा निवासी फार्मर गुरसेवक सिंह ने बताया कि पिछले कई दिनों से बाघ की उनके गांव की ओर आवाजाही है। शुक्रवार को बाघ ने फार्म हाउस के पीछे महज पचास मीटर की दूरी पर जंगली सुअर का शिकार किया। सुअर को मारने के बाद उसका अधखाया शव बाघ पास में ही बूटा सिंह के गन्ने के खेत में खींच ले गया। शनिवार सुबह जब वह टहलने जा रहे थे तो उनकी नजर गन्ने के खेत में जंगली सुअर के शव पर पड़ी। कुछ ही देर में शोर होने पर काफी ग्रामीण जमा हो गए और बाघ की दहशत फैल गई। इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग की निगरानी टीम के वन दरोगा महेंद्रपाल, सोमपाल, चेतन कुमार मौके पर पहुंचे और जानकारी की। टीम ने बाघ के पगचिह्न भी ट्रेस कर लिए। डीएफओ सामाजिक वानिकी संजीव कुमार ने बताया कि बाघ की चहलकदमी को लेकर ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया है। आवाजाही की रोकथाम के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।