दियोरिया के जंगल में बदमाश बेखौफ होकर राहगीरों से लूटपाट को अंजाम दे रहे है और पुलिस बेबस है। पांच दिन पहले घटी वारदात में पुलिस अभी कोई सुराग नहीं जुटा सकी थी कि अब बदमाशों ने दुबारा सक्रिय होकर दंपति समेत तीन से मारपीट कर नकदी, जेवरात लूट लिए। घटना की सूचना मिलने पर कार्रवाई के बजाए घुंघचाई चौकी और दियोरिया कोतवाली पुलिस एक दूसरे का क्षेत्र बता पीड़ित को टरकाती रही। कोतवाली क्षेत्र के गांव धर्मापुर निवासी शिक्षक नेतराम ने बताया कि उसकी तैनाती प्राथमिक स्कूल मकरंदपुर में है। मंगलवार शाम को वह बाइक से मकरंदपुर से वापस घर जा रहे थे। दियूरिया जंगल के पास पहुंचते ही पीछे से बाइक पर सवार होकर आए तीन बदमाशों ने ओवरटेक कर उनको रोक लिया। जिसके बाद एक बदमाश ने उन पर तमंचा तान दिया। बदमाश शिक्षक से दस हजार रुपये की नकदी, मोबाइल लूट लिया। इसका विरोध करने पर मारपीट की गई। इसी बीच दियूरिया की ओर से आ रहे बाइक सवार शाहजहांपुर जिले के बंडा क्षेत्र के कंधरपुर निवासी महेश और उसकी पत्नी तारावती को भी रोक लिया। तमंचे के बल पर धमकाते हुए बदमाशों ने तारावती से कुंडल, दो हजार रुपये की नगदी लूट ली। इसके बाद असलहा लहराते हुए जंगल के रास्ते फरार हो गए। इसकी सूचना पीड़ित पक्ष ने घुंघचाई पुलिस को दी। जिस पर पुलिस ने दियोरियाकलां कोतवाली क्षेत्र बताकर टाल दिया। इसके बाद दियोरिया पुलिस ने भी सुनवाई नहीं की। दोनों ही थानों की पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही और बदमाश आराम से फरार होने में कामयाब रहे। बता दें कि पांच दिन पहले भी जंगल के रास्ते सक्रिय होकर चार बदमाशों ने राहगीरों से लूटपाट की थी।
जिस क्षेत्र में घटना बताई जा रही है। वह घुंघचाई चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आती है। अगर पीड़ित तहरीर देता है तो जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
शैलेंद्र सिंह, दियोरियाकलां कोतवाल
लूटपाट की वारदात घुंघचाई चौकी क्षेत्र में नहीं हुई है। न ही इसकी कोई लिखित तहरीर मिली है। पीड़ित को टरकाने का आरोप बेबुनियाद है।
इंद्रजीत सिंह भदौरिया, घुंघचाई चौकी प्रभारी