खुद के अगवा होने और फिरौती देकर छूटने की फर्जी कहानी सुनाकर एक युवक ने रिटायर्ड प्रधानाचार्य से आर्थिक तंगी का हवाला देकर तीन लाख रुपये उधार ले लिए। कई दिन तक जल्द रुपया वापस करने की बात कहकर टालमटोल करता रहा। फिर पीड़ित ने तगादा किया तो आरोपी ने रुपये देने से इंकार कर धमकी देकर भगा दिया। सुनगढ़ी पुलिस ने एसपी के आदेश पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुनगढ़ी क्षेत्र के सिविल लाइन कालोनी निवासी वीना कुमारी सक्सेना ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह 2014 में प्राथमिक विद्यालय राजा कालोनी न्यूरिया से बतौर प्रधानाचार्या सेवानिवृत्त हुईं थी। विद्यालय में तैनाती के दौरान उनकी पहचान बिथरा गांव के रहने वाले कुंवरसेन से हो गई। तीन अक्तूबर 2016 को आरोपी ने पीड़िता के घर आकर बताया कि उसका अपहरण कर लिया गया था। इसमें परिवार के लोगों ने फिरौती देकर उसको बचाया। इसके बाद से परिवार पर आर्थिक तंगी है। इस दौरान उसने तीन लाख रुपये उधार मांगे। छह अक्तूबर 2016 को पीड़िता ने बैंक से रुपये निकालकर आरोपी को दे दिए। जिनकेा कुछ दिन में लौटाने की बात कही गई। कई दिन बीतने के बाद पीड़ित ने रुपये वापस मांगे। पहले तो आरोपी टालमटोल कर समय मांगता रहा। इसके बाद रुपये लौटाने से इंकार कर दिया और दोबारा तगादा पर जान से मारने की धमकी दे दी। इंस्पेक्टर सुनगढ़ी हरगोविंद सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी कुंवरसेन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।