गांव सद्दरपुर निवासी पातीराम की तालाब में डूबने से मौत नहीं हुई थी। बल्कि उसकी हत्या कर शव को तालाब में फेंका गया था। इस बात की पुष्टि मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक उसकी हत्या पोस्टमार्टम से तीन दिन पहले हुई थी। जिससे पुलिस का शक घर वालों पर गहरा गया है। पुलिस ने परिवार के एक सदस्य को हिरासत में लिया है। जिससे पूछताछ की जा रही है।
गांव सद्दरपुर निवासी 46 वर्षीय पातीराम का शव 29 जुलाई को गांव के निकट स्थित एक तालाब में उतराता मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस को मृतक के पुत्र ओमकार ने बताया था कि उसके पिता शराब के आदी थे। वह 28 जुलाई की सुबह करीब 11 बजे घर से निकले थे और अगले दिन उनका शव तालाब में बरामद हुआ, लेकिन मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट घर वालों की कहानी झुठला रही है। एसओ रेहान खां ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पातीराम की मौत गला घोटने और पोस्टमार्टम से तीन दिन पहले होने की पुष्टि की गई है। इससे साफ है कि पातीराम की मौत 27 जुलाई को ही हो गई थी तो वह 28 जुलाई की सुबह 11 बजे कैसे घर से निकला? पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अल्कोहल की भी पुष्टि नहीं हुई। इन सब सवालों के जवाब घर वाले भी पुलिस को नहीं दे पा रहे हैं। पुलिस का शक है कि हत्या का राज मृतक के घर में ही छुपा है। पुलिस ने इसी शक के आधार पर मृतक के परिवार के एक सदस्य को हिरासत में लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।