रोडवेज की एसी बस के परिचालक ने खुद को सैफई के एक बड़े नेता का बेटा बताकर खूब दबंगई दिखाई। पहले सीट पर बैठने को लेकर एक यात्री से उलझता रहा। इसका विरोध करने पर अन्य यात्रियों को भी रसूख बताकर धमकाने लगा। बस में मौजूद एक सिपाही के समझाने पर भी नहीं माना। काफी देर बाद यात्रियों के एकजुट होने पर मामला शांत हो सका। आरोप है कि कंडक्टर नशे की हालत में था।
शुक्रवार रात पीलीभीत से आगरा जाने वाली रोडवेज की एसी बस में यह वाकया हुआ। सवारियां लेकर बस आगरा के लिए निकली। बताते हैं कि बस में गिने-चुने यात्री सवार थे। रास्ते में बस के परिचालक ने आगे की सीट पर बैठे एक युवक से उलझना शुरू कर दिया। उसको पीछे की सीट पर जाने को कह दिया। युवक के पूछने पर आरोपी ने वीआईपी सीट होने का हवाला दिया। इस पर युवक ने किसी वीआईपी के आने पर खुद हट जाने की बात कह दी। आरोप है कि इसके बाद परिचालक ने दबंगई दिखानी शुरू कर दी। खुद को सैफई के एक नेता का बेटा बताकर बेवजह भिड़ने लगा। यह देखकर बस में मौजूद अन्य यात्रियों ने शांत कराने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि परिचालक ने उनको भी धमकाना शुरू कर दिया। बस में मौजूद एक सिपाही को तो परिचालक ने नाम-पता पूछकर अंजाम भुगतने की भी बात कह डाली। काफी देर चलती बस में हंगामा होता रहा। परिचालक के न मानने पर यात्री एकजुट हो गए। इसके बाद किसी तरह मामला शांत हो सका। घटना को लेकर एक बार फिर रोडवेज कर्मियों के यात्रियों के प्रति रवैये पर सवाल खड़े हो गए हैं।