हरकिशनापुर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के लिए हुए गोलमाल की शिकायत जांच में ठीक पाई गई है। इस पर डीपीआरओ की रिपोर्ट पर डीएम ने प्रधान के अधिकार सीज कर दिए हैं। गबन की गई 4.23 लाख रुपये की धनराशि की रिकवरी प्रधान और सचिव से की जाएगी। पंचायत के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का प्रस्ताव मांगा गया है।
मरौरी ब्लाक की ग्राम पंचायत हरकिशनापुर में प्रधान और सचिव पर बिना कार्य योजना स्वीकृत कराए विकास कार्यों के नाम पर प्रधान वल्देव प्रसाद और सचिव धर्मदास पर लाखों रुपये की धनराशि निकालने का आरोप लगा था। इस पर डीएम ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के आदेश दिए थे। जांच के दौरान टीम को गांव में विकास कार्यों के नाम पर भारी गड़बड़ी मिली थी। पंचायत की धनराशि से धार्मिक स्थल का निर्माण कराया गया था साथ ही नाली खड़ंजे में भी गड़बड़ी मिली थी। जांच रिपोर्ट आने पर डीपीआरओ ने कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट डीएम को सौंपी। इस पर डीएम ने प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं साथ ही जांच में सामने आई 4.23 लाख रुपये की वसूली के आदेश किए हैं। इसमें आधी धनराशि प्रधान और आधी धनराशि सचिव से वसूल की जाएगी।
गठित होगी तीन सदस्यीय समिति
प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज होने के बाद अब ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा। इसके लिए डीपीआरओ शशिकांत पांडेय ने खंड विकास अधिकारी मरौरी से प्रस्ताव मांगा है।