सर्विस को दी गई कार वापस लेने के लिए चार महीने बाद भी जब कोई नहीं आया तो स्टाफ ने नंबर के आधार पर मालिक तक पहुंचने का प्रयास किया। इस दौरान नंबर वैगनआर कार का न होकर लखनऊ की आल्टो का निकला। मामले में सुनगढ़ी पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मुकदमा दर्जकर दोनों को जेल भेजा जा रहा है।
बल्लभनगर कालोनी के निवासी कोरल मोटर्स के स्वामी शोभित गुप्ता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मार्च महीने में उनके सर्विस सेंटर पर दो लोग वैगनार कार दे गए थे। इसके बाद से चार महीने तक कोई कार को लेने ही नहीं आया। इस पर नंबर के आधार पर कार मालिक का पता लगाने की कोशिश की गई। इसमें कार पर पड़ा नंबर लखनऊ के एक व्यक्ति की आल्टो कार का निकला। फोन पर बात करने पर जब जानकारी हुई तो पीड़ित के होश उड़ गए। मामला गड़बड़ पता लगने पर सर्विस सेंटर मालिक ने इसकी जानकारी पुलिस को दे दी। मंगलवार शाम कार लेने मोहल्ला बाग बुलशेर खां निवासी शिशिर सक्सेना और बरेली के देवरनिया क्षेत्र के सिंधौरा गांव निवासी विनय सक्सेना पहुंचे। सर्विस सेंटर के स्टाफ ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। इस पर आसाम चौकी प्रभारी इंद्रजीत सिंह भदौरिया मौके पर पहुंचे और दोनों को पकड़ लिया। दोनों आरोपियों को थाने लाकर पूछताछ की गई। इंस्पेक्टर अतुल प्रधान ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ कर दोनों का चालान किया गया है। आरोपियों की वैगनआर कार पर लिखा नंबर आल्टो कार का निकला है।