गांव मानपुर में दबिश के दौरान महिला की मौत के मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें होमगार्ड समेत दो लोगों को नामजद किया गया है। जबकि सिपाही का नाम नहीं खोला गया है। मुकदमे से सिपाही का नाम गायब देख गुस्साए परिवार वालों ने महिला का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया, जिससे हंगामा होने लगा। सीओ के सिपाही का नाम विवेचना में खोने के आश्वासन पर लोग शांत हुए। थाना बिलसंडा क्षेत्र के गांव मानपुर निवासी इच्छाराम के घर पुलिस ने शनिवार रात लगभग 8.30 बजे उनके पुत्र विपिन की तलाश में दबिश दी थी। विपिन एक लड़की को भगाने के मुकदमे में नामजद है। पुलिस को देखकर इच्छाराम की पत्नी मुन्नी देवी उर्फ नन्हीं देवी घर से निकलकर भागने लगी औैर कुछ दूरी पर जाकर खड़ंजा पर गिरकर उसकी मौत हो गई थी। महिला को मृत देखकर दबिश देने गई पुलिस टीम भाग गई। इसके बाद घरवालों ने पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगाकर मानपुर चौराहे पर जाम लगा दिया था। सीओ के समझाने के बाद मामला शांत होने पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा। डीएम के निर्देश पर रात में महिला का पोस्टमार्टम कराया गया। उधर, इच्छाराम की तहरीर पर पुलिस ने बिलसंडा में कार्यरत होमगार्ड गांव दियोकलिया निवासी कन्हई लाल, गांव मानपुर निवासी रमेशचंद्र को नामजद किया है। जबकि मुकदमे में थाना बिलसंडा में तैनात सिपाही का नाम नहीं खोला गया। रविवार सुबह महिला का शव गांव ले जाया गया तो पुलिस ने मुकदमे की प्रति घरवालों को दी। मुकदमे में सिपाही का नाम न होने पर घरवाले भड़क गए। इच्छाराम का आरोप था कि पुलिस सिपाही को बचाने की कोशिश में है। घरवालों ने सिपाही का नाम रिपोर्ट में शामिल न होने तक अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया, जिससे पुलिस के हाथपांव फूल गए। इसका पता लगने पर सीओ हरीश भदौरिया मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि मुकदमे में बदलाव नहीं किया जा सकता। विवेचना में सिपाही का नाम शामिल कर दिया जाएगा। सीओ के आश्वासन पर महिला के घरवाले मान गए, जिसके बाद अंतिम संस्कार दिया गया।