यूं तो न्यायालय से इंसान की सजा और रिहाई के आदेश होते ही हैं, लेकिन जिले में परिंदों की आजादी के आदेश का अनूठा मामला सोमवार को सामने आया। कोर्ट के आदेश पर दो दिन पूर्व बरामद करीब चार सौ पक्षियों (तोतों और जंगली कबूतरों) को माला जंगल में छोड़ दिया गया। करीब 400 तोतों व सात कबूतरों के एक साथ आजादी की उड़ान भरते समय वहां मौजूद लोगों के चेहरे खिल उठे।
दिल्ली में तोता बिक्री करते समय पुलिस ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की पहल पर जितेंद्र नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने सामाजिक वानिकी प्रभाग के सहयोग से शहर के बारह पत्थर के निकट एक घर में बनी कोठरी में कैद करीब 400 तोते और सात कबूतर बरामद किए थे। कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बरामद परिंदों की रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश की गई। कोर्ट ने परिंदों को ऐसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के आदेश दिए, जहां से उन्हें दोबारा न पकड़ा जा सके। कोर्ट के आदेश के बाद डीएम ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अरुणमणि त्रिपाठी को अपनी देखरेख में पक्षियों को मुक्त कराने के निर्देश दिए। सोमवार को अतिरिक्त मजिस्ट्रेट, रेंजर गजेंद्र बहादुर सिंह, डिप्टी रेंजर दीनानाथ और सदर कोतवाली के एसएसआई एके सिंह तोते और कबूतरों को लेकर माला जंगल पहुंचे। यहां अधिकारियों की मौजूदगी में इन्हें आजाद कर दिया गया। वनकर्मियों ने इसकी वीडियोग्राफी भी की।