गांव मुड़िया बिलहरा में 55 वर्षीय किसान राजाराम ने बुधवार देर रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह उनका शव गांव के बाहर एक पेड़ से लटका मिला। परिवार वालों के मुताबिक राजाराम ओलावृष्टि और बारिश से फसल बर्बाद हो जाने से तनाव में था। उन पर 40 हजार रुपये का कर्ज भी था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
राजाराम के बेटे जयराम ने बताया कि उसके पिता बुधवार रात खाना खाने के बाद करीब नौ बजे घर से निकल गए। काफी देर तक वह नहीं लौटे तो उन्हें गांव में तलाश किया लेकिन कुछ पता नहीं चला। सुबह खेतों की ओर गए लोगों ने गांव से करीब एक किमी दूर एक बाग में उनका शव लटका देखा। राजाराम ने अपनी धोती से फंदा लगाकर फांसी लगा ली थी। जयराम ने बताया कि उनकी 10 बीघा जमीन है।
इसके अलावा उसके पिता ने गांव के ही एक व्यक्ति की सात बीघा जमीन भी 25 हजार रुपये में ठेके पर ले रखी थी। यह जमीन लेने के लिए उन्होंने गांव के कुछ लोगों से पांच फीसदी के ब्याज पर 40 हजार रुपये कर्ज पर लिए थे जिसका मासिक ब्याज दो हजार रुपये पड़ रहा था। ठेके पर ली गई सात बीघा जमीन से सिर्फ चार क्विंटल गेहूं निकला। वह इस जमीन पर इससे ज्यादा लागत लगा चुके थे। फसल चौपट होने और कर्ज के बढ़ते ब्याज की वजह से वह कई दिनों से परेशान थे।
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राजाराम ने अपनी 10 बीघा जमीन में गन्ने की फसल की थी। ठेके पर ली गई जमीन में उसने गेहूं बोया था। इसकी जांच करा ली गई है। ठेके पर ली गई जमीन की फसल चौपट हुई है। इस वजह से वह किसी भी तरह के मुआवजे का हकदार नहीं है।
- एपी श्रीवास्तव, एसडीएम बीसलपुर (पीलीभीत)