सशस्त्र ढाटा बांधे बदमाशों ने गांव सिमरिया ता. महाराजपुर निवासी महेश प्रसाद के घर में घुसकर परिवार वालों को बंधक बनाकर पांच हजार रुपये, जेवरात और बर्तन सहित करीब सवा लाख रुपये की संपत्ति लूट ली और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देकर एक कमरे में सभी को बंद कर चले गए। गृहस्वामी की तहरीर के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
घटना शनिवार रात दो बजे की है। किसान महेश प्रसाद का दरवाजा विहीन घर गांव के बाहर खेतों में है। महेश प्रसाद ने बताया कि घर के बाहर छप्पर के नीचे रात सो रहा था। ढाटा बांधकर पहुंचे आठ सशस्त्र बदमाशों ने उसे जगाकर गांव के रामपाल की जानकारी की और कहा कि उसकी हत्या करनी है। इसके लिए उनको सुपारी मिली है। बदमाशों ने पास आकर तमंचा के बल पर उसे कब्जे में ले लिया और शोर न मचाने की धमकी देते हुए बंधक बनाकर घर के अंदर ले गए। परिवार वालों को बदमाशों ने जगाकर शोर न मचाने की धमकी दी। इसके बाद उसे, उसके बड़े पुत्र पवन, रिश्तेदार राजीव और रंजीत को अलग-अलग कपड़े से बांध दिया। कुछ बदमाश उन लोगों के पास खड़े रहे। दो बदमाशों ने कमरे का ताला तोड़कर कमरे में रखी पांच हजार रुपये, चांदी का तोड़ा, दो कंधनी सोने का पैंडल, दो मोबाइल, पीतल और गिलट के बर्तन लूट लिए। बदमाशों ने शोर-शराबा न करने की धमकी देकर सभी को कमरे में बंद फरार हो गए। महेश प्रसाद ने बताया कि बदमाशों की संख्या आठ थी। एक बदमाश पैंट शर्ट पहने था, जबकि अन्य कच्छा बनियान पहने थे। बदमाशों ने उसके घर में करीब आधा घंटा तक लूटपाट की। घटना की तहरीर पर कोतवाली से हल्का दरोगा टीम के साथ पहुंचे। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर परिवार वालों से पूछताछ तो की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की। प्रभारी कोतवाल राजेश यादव ने बताया कि लूटपाट नहीं चोरी हुई है।
घटना के बाद बेहोश हो गई गृहस्वामिनी
पूरनपुर। महेश प्रसाद ने बताया कि घटना के बाद परिवार के लोग अब भी दहशत मेें हैं। उनकी पत्नी रामबेटी तो घटना के कुछ देर बाद ही बेहोश हो गई। जिसका इलाज कराया जा रहा है।