कोतवाली पुलिस ने मोहल्ला हबीबुल्ला खां शुमाली से करीब एक माह पूर्व कथित
रूप से अपहृत छात्र प्रसून को गुरुवार को जिला शाहजहांपुर के थाना बंडा के
गांव देवकली के एक घर से बरामद कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि छात्र का
अपहरण नहीं हुआ था। छात्र से केवल मारपीट हुई थी। घरवालों ने मारपीट करने
वालों को सबक सिखाने के लिए उनके विरुद्ध अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा
दी थी।
मोहल्ला हबीबुल्ला खां शुमाली निवासी श्याम मोहन तिवारी का 17
वर्षीय पुत्र प्रसून 21 अक्तूबर को दिन में रहस्यमय ढंग से लापता हो गया
था। वह शाहजहांपुर के एक डिग्री कॉलेज का छात्र है।
प्रसून की मां स्नेहलता
तिवारी ने उसी दिन कोतवाली में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी जिसमें
मोहल्ले के निक्की जायसवाल, विशाल दीक्षित, मोहल्ला दुबे निवासी शानू
जायसवाल, मोहल्ला शिवाजी नगर निवासी अवनीश शुक्ला, छेदालाल कॉलोनी निवासी
अंकित शुक्ला और मोहल्ला हबीबुल्ला खां जनूबी निवासी विनोद ठाकुर को नामजद
किया था।
पुलिस ने कुछ समय बाद नामजद आरोपी विशाल दीक्षित को गिरफ्तार
कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गुरुवार को
सुबह चार बजे जिला शाहजहांपुर के थाना बंडा के गांव देवकली के एक घर से
प्रसून को बरामद कर लिया।
पुलिस प्रसून को कोतवाली ले आई। जहां सीओ सुवेग
सिंह सिद्धू ने बताया कि जांच पड़ताल में स्पष्ट हो गया है कि प्रसून का
अपहरण नहीं हुआ था।
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने प्रसून से केवल
मारपीट की थी। सूचना मिलने पर प्रसून के मामा उसको अपने साथ घर ले गया और
बाद में जिला शाहजहांपुर के थाना बंडा के गांव देवकली में अपने एक
रिश्तेदार के घर छिपा दिया था।
सीओ ने बताया कि प्रसून के घरवालों ने
मारपीट करने वाले आरोपियों को फंसाने के लिए उनके विरुद्ध कोतवाली में
अपहरण की फर्जी रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
बताया कि एसपी से अनुमति लेने
के बाद अपहरण की रिपोर्ट निरस्त कर दी जाएगी। साथ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर
पुलिस को गुमराह करने के आरोप में वादी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की
जाएगी।
सीओ ने बताया कि इस मामले में गलत ढंग से जेल में बंद विशाल दीक्षित
को रिहा करवाया जाएगा। इस संबंध में जब प्रसून के घरवालों से फोन पर
संपर्क साधने का प्रयास किया गया, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।