दिल्ली से पलिया जा रही निजी बस में बैठे करीब 24 सवारियों से ड्राइवर और कंडक्टर ने अपने साथियों की मदद से लूटपाट कर डाली। किराए के नाम पर सभी के पास रखी नगदी छीन ली गई। विरोध करने पर उनसे मारपीट की गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर बस को कब्जे में ले लिया। ड्राइवर और कंडक्टर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। तलाशी में बस से 500 ग्राम अफीम डोडा भी मिला है।
सोमवार रात आनंद बिहार बस अड्डे के पास से एक निजी बस पलिया के लिए रवाना हुई थी। इसमें करीब दो दर्जन यात्री थे। बस चलने से चंद मिनट पहले उसमें आठ-दस लोग चढ़ गए। इन लोगों की मदद से बस ड्राइवर लखीमपुर जिले के गोला क्षेत्र के गांव ताजपुर निवासी बलजीत सिंह और कंडक्टर निघासन क्षेत्र निवासी तेजेंद्र सिंह ने सवारियों से लूटपाट शुरू कर दी। किराए के नाम यात्रियों से सारी नगदी छीन ली गई। दो नेपाली यात्रियों समेत 24 लोगों से ड्राइवर और कंडक्टर ने 21 हजार 930 रुपये लूट लिए। विरोध करने पर सवारियों से मारपीट भी की गई। बरेली के भुता क्षेत्र में पहुंचने पर बस में सवार अज्ञात दस युवक उतर गए।
यात्रियों की सूचना पर बिलसंडा पुलिस ने पार्क चौराहा के पास घेराबंदी कर बस को रोक लिया। लोगों से मामले की जानकारी की गई। आरोपी, ड्राइवर और कंडक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
रूट बदलते ही एक यात्री ने कर दिया था फोन
दिल्ली से चली इस बस को बरेली से पीलीभीत होते हुए पलिया जाना था, लेकिन बरेली में दस साथियों को उतारने के बाद चालक ने बस को बीसलपुर, बिलसंडा रूट पर मोड़ दिया। इसी दौरान बस में सवार पूरनपुर के टांडा छत्रपति निवासी अशोक ने फोन से अपने भाई बलवंत को सूचना दे दी। बलवंत ने ग्राम प्रधान रतनलाल को बताया और ग्राम प्रधान ने एसपी को घटना से अवगत करा दिया। नतीजतन बिलसंडा पुलिस अलर्ट हो गई और आरोपियों को धर दबोचा।
मामला लूट का नहीं, बल्कि अधिक किराया वसूलने का है। गिरफ्तार ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। डोडा बरामद होने पर एनडीपीएस एक्ट भी लगाया गया है। पूछताछ की जा रही है।
- जितेंद्र यादव, एसओ बिलसंडा