गांव पिपरिया दुलई निवासी दयाशंकर का लापता 16 वर्षीय पुत्र सुनील का शव दूसरे दिन गांव के पास गन्ना के एक खेत में मिला। छात्र के जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की आशंका पर परिवार वालों ने बगैर पुलिस को सूचना दिए छात्र का अंतिम संस्कार कर दिया।
पिता दयाशंकर ने बताया कि उसका मझला सुनील कुमार गांव सुआबोझ के एक कालेज में हाईस्कूल का छात्र था। सुनील रविवार को शाम करीब साढ़े पांच बजे रोज की तरह घर से घूमने की जानकारी देकर निकला था। देरशाम तक घर न लौटने पर उसकी तलाश शुरू की गई। सुनील के पूरी रात घर न लौटने पर सोमवार को गांव के पास के खेतों में उसकी खोज की गई। गांव के पश्चिम सत्यदेव शर्मा के गन्ना के खेत में उसका शव पड़ा मिला।
शव के पास भांग की नशीली पुड़िया के खाली पाउच मिले। उसका शव उल्टी और गंदगी से सना था। सुनील का शव मिलते ही परिवार वालों में कोहराम मच गया। अधिक भांग खाकर आत्महत्या की आशंका पर परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। खेत में सुनील का शव मिलना लोगों में चर्चा का विषय बना रहा।
परिवार वालों ने किसी रंजिश से इंकार किया है। वह उसके आत्महत्या करने की आशंका जता रहे थे, लेकिन उसने ऐसा क्यों किया, यह वह नहीं बता सके। इंस्पेक्टर शक्ति सिंह ने बताया कि उन्हें खेत में किसी छात्र के शव मिलने की सूचना नहीं मिली है।