गांव केसरपुर में बुधवार शाम एक बाघ ने गोधनलाल की पशुशाला में घुसकर बछिया पर हमला किया। शोर मचने पर बाघ घायल बछिया को छोड़कर भाग निकला। घटना के चलते गांव में दहशत है।
ग्राम पंचायत माधोटांडा के मजरा केसरपुर में गोधन लाल के छप्पर में बंधी गाय का दूध दुहने उनकी पुत्री गई थी। करीब सात बजे वह वहां से लौटी। उसके कुछ देर बाद ही बाघ पशुशाला में घुस गया। उसने बछिया पर हमला कर दिया जिस पर गाय ने रंभाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग भी जुट गये। इस बीच बाघ बछिया को छोड़कर चला गया। गोधन लाल ने बताया कि घटना के बाद वन विभाग को सूचना दी गई थी। उसके बाद मात्र दो कर्मचारी गांव में आए। बाघ की दहशत के चलते ग्रामीण सारी रात जागते रहे। बुधवार सुबह डिप्टी रेंजर दिग्विजय सिंह के पहुंचने पर गोधन ने घायल पशु का इलाज करवाने की बात कही। इस पर पशु चिकित्सालय के कर्मियों ने घायल पशु का इलाज किया। इधर वनकर्मियों ने तेंदुए द्वारा हमले की आशंका जताई। किसान जरमन सिंह आदि ने बताया कि दो दिन पहले वह लोग खेत से लौट रहे थे। इसी बीच एक बाघ करीब पौन घंटे तक रास्ता रोके खड़ा रहा। ट्रैक्टरों की लाइट व शोर मचाने के बाद बाघ एक गन्ने के खेत में चला गया। इधर इस मामले में डिप्टी रेंजर दिग्विजय सिंह ने बताया कि पगमार्क को ट्रेस कर पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमला करने वाला तेंदुआ था या बाघ।