ऊँ लिखे केसरिया झंडे पर लंबी बहस के बाद मोहल्ला साहूकारा में भाजपा व सपा समर्थक के बीच मारपीट हो गई। दोनों ओर से जमा हुए लोगों ने एक दूसरे पर असलहा दिखा कर धमकाने का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। चुनाव के दिन बेहद कम बचे हैं। एक तरफ प्रत्याशी वोटरों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए विकास के दावे कर रहे हैं, तो समर्थक भी अपनी पार्टी को बेहतर बता रहे हैं। शहर में कुछ दिन से लगाए जा रहे ऊँ लिखे केसरिया झंडे भले ही किसी पार्टी का चुनाव चिह्न वाले नहीं हैं, लेकिन इसको लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। शनिवार को मोहल्ला साहूकारा में ऊँ लिखे केसरिया झंडे को लेकर सपा व भाजपा समर्थक के बीच बहस होने लगी। अपशब्द से शुरू हुआ मामला कुछ ही देर में मारपीट में बदल गया। इस दौरान सपा समर्थक ने दूसरे पक्ष पर तमंचा दिखाकर धमकाने का आरोप लगाया, वहीं दूसरे पक्ष ने भी गंभीर आरोप लगाए। इसकी शिकायत कोतवाली पुलिस से की गई। इसके बाद पुलिस ने मौका मुआयना कर जानकारी जुटाई। कोतवाल ख्यालिराम आदित्य ने बताया कि मामला राजनीतिक नहीं है । ऊँ लिखे झंडे को लेकर कुछ विवाद हो गया था। इसकी जांच कराई जा रही है।