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एसओ ने हड़काकर बदलवाई तहरीर

Sun, 05 Jul 2015 10:53 PM IST
पीलीभीत।
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सोते समय थाना जहॉनाबाद के गांव भूडा निवासी नरेश उर्फ बबलू को गोली मारकर घायल किए जाने के मामले में पुलिस ने अपनी खूब दादागिरी दिखाई। अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर देख एसओ का पारा चढ़ गया। उन्होंने तहरीर देने आए घायल के चाचा ढाकनलाल को कमरे में बुलाकर पहले जमकर हड़काया। बाद में सिपाही साथ भेजकर मनमाफिक दूसरी तहरीर लिखवाई और उसी तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमला करने की रिपोर्ट दर्ज करझ् ली।
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शनिवार की तड़के छत पर सो रहे गांव भूडा निवासी 22 वर्षीय नरेश उर्फ बबलू के सिर पर अज्ञात बदमाशों ने तमंचे से गोली मार दी थी। छर्रे सिर में लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल का इलाज शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कर किया जा रहा है। उसकी हालत दूसरे दिन भी गंभीर बनी हुई है। रविवार की दोपहर बाद घायल के चाचा ढाकनलाल अन्य लोगों के साथ थाने पहुंचे और एसओ धनंजय सिंह को तहरीर दी। ढाकनलाल ने बताया कि तहरीर में उसने 29 जून को घर में हुई चोरी व बदमाशों द्वारा गोली मारकर घायल करने का जिक्र किया था। जिसे देखकर एसओ उसे अपने आवास पर ले गए। जहां उसको जमकर हड़काया। ढाकनलाल ने बताया कि एसओ का कहना था कि नरेश तमंचा सिर के नीचे रखकर सोया था, जिससे चली गोली से वह घायल हुआ है। आरोप है कि एसओ ने एक सिपाही को उसके साथ भेजकर अज्ञात द्वारा छत पर चढ़कर गोली मारकर घायल होने की तहरीर लिखवाई। एसओ धनंजय सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि घायल नरेश सिर के नीचे लोड तमंचा रखकर लेटा हुआ था। जिससे अचानक चली गोली से वह घायल हुआ है। हड़काने की बात गलत है। हां यह सही है कि दूसरी तहरीर लिखवाकर अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

पीड़ित ने जो तहरीर दी थी पुलिस को उसी के आधार पर रिपोर्ट लिखनी चाहिए। यदि तहरीर बदलवाई है तो गलत है। खुद के तमंचे से घायल होने का मामला है तो पुलिस को जांच के दौरान कार्रवाई करनी चाहिए। यदि पीड़ित शिकायत करता है तो जांच कराकर एसओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- जेके शाही, एसपी

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