सुरक्षा की कमान संभालने वाली पुलिस को क्षेत्र के अपराधियों और महकमे के अफसरों को लेकर ज्ञान कैसा है इसकी सच्चाई उस वक्त सामने आ गई, जब एसपी की परीक्षा में सिपाही अपने एसओ, सीओ, एसपी समेत तमाम अधिकारियों के नाम भी नहीं बता सका। यही नहीं जिन हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी का जिम्मा संभाल रहा था उनके नाम भी उसको पता नहीं थे। लापरवाही सामने आने पर एसपी ने सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया है।
बता दें कि बीट सिपाही को मजबूत बनाने के लिए प्रतिदिन पुलिस लाइन में एसपी सिपाहियों की पाठशाला आयोजित करते है। प्रत्येक थाने से एक-एक सिपाही को शामिल किया जाता है। इसमें उनके किए गए कार्य और उनकी समस्याओं को सुनकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाते है। बीट पर सिपाही की पकड़ मजबूत करने का हरसंभव प्रयास किया जाता है। शुक्रवार को भी पूरनपुर सर्किल के चारों थानों से एक-एक सिपाही बुलाया गया। इसके बाद एसपी अनिल कुमार सिंह ने पहले बीट बुक की चेकिंग की। उसमें बीट क्षेत्र से संबधित सूचनाएं अंकित की गई हैं, उन पर क्या काम हुआ। समस्त बातों को बारीकी से चेक किया। सिपाही से ड्यूटी के समक्ष सामने आने वाली परेशानियों को पूछा गया। इसके बाद पूरनपुर कोतवाली में तैनात सिपाही रामबहादुर यादव से विभागीय ज्ञान को परखा गया। इसमें जो सामने आया उसे सुनकर एसपी भी दंग रह गए। सिपाही अपने एसओ, एसएसआई, सीओ, एएसपी, यहां तक कि खुद एसपी का नाम नहंी जानता था। इसके अलावा चौकी क्षेत्र के बारह हिस्ट्रीशीटर में से नौ का नाम उसको मालूम ही नही था। लापरवाही सामने आने पर एसपी ने सिपाही जमकर फटकार लगाई। इसके बाद कार्रवाई के आदेश पेशकार भुवनेश कुमार गौतम को दिए। कार्रवाई के निर्देश देते ही सिपाही ने खुद को थाने में नई तैनाती का बताया। पूछने पर तैनाती अप्रैल की निकली।
बीट बुक चेकिंग के दौरान पूरनपुर का सिपाही अफसरों का नाम ही बता सका। जोकि एक बड़ी लापरवाही है। क्षेत्र के एचएस के बारे में भी उसकी जानकारी बेहद कम निकली है। सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
- अनिल कुमार सिंह, एसपी