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नशे में बेटे ने की पिटाई तो पिता ने दाग दी गोली, मौत

Sun, 04 Dec 2016 10:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बीसलपुर।
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मौत - फोटो : अमर उजाला
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लाइसेंसी बंदूक से पिता ने बेटे को उतारा मौत के घाट 
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बहन ने दर्ज कराई पिता के खिलाफ नामजद रिपोर्ट
कोतवाली क्षेत्र के ईंटारोड़ा गांव में शनिवार रात घटी वारदात 
 नशे में हुड़दंग करने से रोकने पर बेटे ने पिता से हाथापाई कर दी। बेटे के हाथों पीटे जाने के बाद पिता ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी परिवार वालों ने भी कल्पना नहीं की थी। बेटे की हरकतों से आहत पिता ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से बेटे पर गोली दाग दी। जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यही नहीं करीब दो घंटे तड़पने के बाद भी इलाज को अस्पताल नहीं ले जाया गया। पुलिस ने बेटी की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए है। 
कोतवाली क्षेत्र के ईंटारोड़ा गांव निवासी सुमन ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसका भाई 22 वर्षीय इंस्पेक्टर सिंह वर्मा रुद्रपुर में मजदूरी करता था। वह आए दिन नशा करता था, जिसको लेकर तनातनी चलती रहती थी। शनिवार को वह पीलीभीत आया हुआ था। देर शाम करीब आठ बजे वह नशे की हालत में घर पहुंचा। जिसके बाद गाली गलौज कर पिता हेमराज से मारपीट करने लगा। शोर सुनकर परिवारीजन मौके पर पहुंचे और पिता को बचाया। जिसके बाद पिता हेमराज दुमंजिले पर अपने कमरे में चले गए। चंद घंटे बाद ही दुबारा नशे की हालत में भाई इंस्पेक्टर सिंह वर्मा पिता के पास पहुंच कर भिडने लगा। घर वालों के समझाने के बाद भी उसने एक न सुनी। जिसके बाद बेटे की हरकत से क्षुब्ध होकर पिता हेमराज अपनी इकनाली लाइसेंसी बंदूक से बेटे पर गोली दाग दी। गोली इंस्पेक्टर ङ्क्षसह के माथे के बांए हिस्से में लगी और वह लहूलुहान होकर फर्श पर गिर पड़ा। जिसके बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चौकीदार प्रदीप कुमार की सूचना पर कोतवाल एसके सिंह रविवार सुबह करीब सात बजे घटना स्थल पर पहुंचे और जानकारी जुटाई। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। सीओ हरीश भदौरिया ने भी मौका मुआयना कर मामले की जानकारी जुटाई। मृतक सात भाई बहनों में दूसरे नंबर पर था। उसकी मौत के बाद बड़ा भाई सोनू, छोटा भाई अवनीश, बहन सुमन, रेशमा, शकुंतला व मिथिलेश हैं। 
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अस्पताल ले जाते तो बच सकती थी 
बताते है कि पिता की ओर से चलाई गई गोली लगने के बाद मृतक इंस्पेक्टर सिंह करीब दो घंटे तक मकान में ही पड़ा रहा। इसके बाद उसकी मौत हुई, लेकिन कोई उसको इलाज के लिए नहीं ले गया। 
ऐसे में कहा जा रहा है कि अगर उसको समय से अस्पताल ले जाते तो उसकी जान बच सकती थी। 
 
आठ घंटे बाद दी गई पुलिस को सूचना 
हत्याकांड की सूचना पुलिस तक पहुंचने में आठ घंटे का समय बीत गया। रात करीब 11 बजे गोली मारी गई और एक बजे उसकी मौत होने का अनुमान लगाया जा रहा है। खुद पुलिस भी सूचना मिलने में देरी की बात को स्वीकारती दिखाई दी। इधर परिवारीजन भी पुलिस को घटना की सूचना नहीं देना चाहते थे। 
 
एक साल पहले पत्नी छाोड़ गई थी घर 
मृतक इंस्पेक्टर ङ्क्षसह नशे में धुत होने के बाद काफी हंगामा किया करता था। जिससे परिवार वाले व ग्रामीण दोनों ही परेशान रहते थे। उसकी पत्नी शांतिदेवी एक वर्ष इसी के चलते अपने मायके शाहजहांपुर के कस्बा निगोही जाकर रहने लगी थी। 
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मृतक की बहन से मिली तहरीर के आधार पर पिता हेमराज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी लाइसेंसी बंदूक के साथ फरार है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। लाइसेंस को निरस्त कराने के लिए भी एसपी के माध्यम से डीएम को रिपोर्ट भेजी जाएगी। 
एसके सिंह, कोतवाल
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