सरकारी जगह को अपना बताकर लाखों की ठगी करने वाली महिला समेत दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों को पूछताछ के बाद पुलिस ने चालान कर दिया है। आरोपियों की पिछले काफी समय से पुलिस तलाश कर रही थी।
मोहल्ला अशरफ खां निवासी अबरार अहमद ने तीन जून को सुनगढ़ी थाने में धोखाधड़ी और मारपीट का एक मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें न्यूरिया क्षेत्र के गिधौर गांव की निवासी सुरेंद्र कौर और धनकुना निवासी गुरमीत सिंह आरोपी बनाए गए थे। आरोप था कि आसाम चौराहा के पास आरोपियों ने पीड़ित को एक प्लाट दिखाया था। उसको अपना बताकर 13 लाख रुपये में सौदा पक्का कर लिया। वर्ष 2012 में आरोपियों ने पीड़ित से बयाने के तौर पर दो लाख ग्यारह हजार रुपये ले लिए। रुपये देने में हो रही टालमटोल को देख पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। इसमें उसने आरोपियों से कागजात देखे। कागजों में दिखाई गई जमीन पर उसका नाम दर्ज मिला। बाद में सरकारी अभिलेखों को चेक करने पर पता लगा कि जिस जगह को आरोपियों ने अपना बताया है, वह सरकारी जगह है। इसकी दोबारा नापजोख होने पर वह सरकारी घोषित कर दी गई थी। ठगी के बाद दिया गया पैसा वापस मांगने पर मारपीट की गई थी। तहरीर के आधार पर केस दर्ज पुलिस ने मामले की जांच की। जिसके बाद से आरोपियों की तलाश जारी थी। रविवार को मुखबिर की सूचना पर दबिश देकर सुनगढ़ी पुलिस के एसआई वेदपाल सिंह, राहुल पुंडीर, रीना, कांस्टेबिल सुनीति ने दबिश देकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा। एसएसआई सुनगढ़ी मनोज कुमार त्यागी ने बताया कि दोनों आरोपी धोखाधड़ी के मामले में वांछित थे। इनको गिरफ्तार कर चालान किया जा रहा है। आरोपियों द्वारा दिखाए गए कागजों में जमीन उनकी थी, लेकिन बाद में जांच कराई तो जमीन सरकारी निकली।