डीजीपी ने गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए एक माह का दो जनवरी से विशेष अभियान ‘आपरेशन स्माइल’ शुरू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन जिले में अभियान की शुरुआत नहीं हुई थी। अमर उजाला ने छह जनवरी के अंक में पेज संख्या दो पर ‘शुरू नहीं हो सका ‘आपरेशन स्माइल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की तो पुलिस प्रशासन भी गुमशुदा बच्चों को ‘अपनों’ तक पहुंचाने के लिए फिक्रमंद हुई। खबर का असर यह हुआ कि एसपी ने इस विशेष अभियान की कवायद शुरू कर कार्ययोजना तैयार कर ली है। जिले से गायब हुए 64 बच्चों में से अब तक न मिल पाने वाले चार बच्चों को खोजने के लिए पुलिस अभियान शुरू करेगी। इनमे 16 अक्तूबर 2014 को गायब हुए शहर कोतवाली के मोहल्ला बागगुलशेर खां निवासी जयकिशन की 11 वर्षीय पुत्री कुमारी प्रिया, आठ नवंबर 2014 को गायब हुए थाना माधोटांडा के गांव बसंतापुर नौनेर निवासी मक्खन सिंह का 17 वर्षीय पुत्र लखवीर सिंह, 28 अप्रैल 2014 को गायब हुआ बीसलपुर के गांव ढखवारा निवासी सियाराम का 12 वर्षीय पुत्र विनोद कुमार व 21 जुलाई 2014 को गायब हुए पूरनपुर के मोहल्ला हबीबगंज गौटिया निवासी मदनलाल का 11 वर्षीय पुत्र राहुल उर्फ भूरा है। गायब बच्चों के घर वालों की आंखें उनके इंतजार में पथरा गई हैं।
जिगर के टुकड़े के मिलने का इंतजार
गायब बच्चों में मोहल्ला हबीबगंज निवासी मदनलाल की पत्नी गीता बताती हैं कि रोज की तरह राहुल उस दिन चाय पीकर घर से खेलने को निकला था। इसके बाद नहीं लौटा। उसे लखनऊ, नानपारा, बहराइच, बरेली, मुरादाबाद आदि स्थानों पर ढूंढा, लेकिन उसका आज तक सुराग नहीं लग सका।
जिन थानों के बच्चे गायब हैं उन थानों के प्रभारियों के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। होटलों, ढाबों आदि पर काम कर रहे बच्चों को चिन्हित कर सूची बनवाई जाएगी। गायब बच्चों को खोजने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
सोनिया सिंह, एसपी