बोलेरो गाड़ी में तीन लोगों पर गैंगरेप करने का आरोप लगाने वाली महिला अब पुलिस के सामने आने से कतरा रही है। सीओ जहॉनाबाद ने उसे गुरुवार को अपने दफ्तर पर बयानों के लिए बुलाया था, लेकिन वह शुक्रवार को भी नहीं पहुंची। पुलिस पूरे दिन उसे तलाश करती रही, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। महिला के न मिलने से पुलिस पशोपेश में हैं। सीओ के मुताबिक मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है।
पीलीभीत शहर की एक दलित महिला ने थाना जहॉनाबाद पर आठ दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि सात सितंबर की शाम वह थाना अमरिया क्षेत्र से घर वापस आने के लिए कैचूटांडा बस अड्डे के पास वाहन का इंतजार कर रही थी। इसी बीच बोलेरो पर सवार होकर आए गांव सियाबाड़ी पट्टी निवासी छत्रपाल, हरी और मीरापुर निवासी श्यामलाल आ गए। वह उन्हें जानती थी इसलिए वह लिफ्ट देने ने बोलेरो में सवार हो गई। आरोप है कि तीनों ने उसके साथ वाहन में ही गैंगरेप किया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया था। मामले की विवेचना सीओ जहॉनाबाद को सौंपी गई थी। विवेचक निर्मल कुमार विष्ट ने बताया कि कोर्ट में बयान कराने के पूर्व होने वाले 161 के बयानों के लिए उन्होंने पीड़िता को गुरुवार को अपने दफ्तर पर बुलाया था। शुक्रवार को अदालत में भी उसके बयान होने थे, लेकिन पीड़िता बीमारी का बहाना बताकर शुक्रवार को नहीं आई, लेकिन वह दोपहर 12 बजे तक नहीं पहुंची। जिस पर उन्होंने दरोगा सूरजपाल को महिला को दफ्तर लाने के निर्देश दिए। पुलिस ने जब महिला के मोबाइल पर फोन किया तो स्विच ऑफ मिला। पुलिस उसके घर पर गई तो भी वह नहीं मिली। पूरे दिन पुलिस उसकी तलाश में इधर-उधर भटकती रही। पीड़िता के न मिलने से उसके बयान नहीं हो सके। सीओ ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में स्पर मेटोजोवा नहीं मिले हैं। इससे साफ है कि उसके साथ गैंगरेप नहीं हुआ है। शनिवार को स्लाइड और एक्सरे की भी जांच रिपोर्ट मिल जाएगी। जांच पूरी होने पर यदि मामला झूठा पाया गया तो महिला के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।