बताते चलें कि नगर निवासी संजीव अग्रवाल का पुत्र ध्रुव मकसूदापुर स्थित बजाज शुगर मिल परिसर स्थित बजाज पब्लिक स्कूल में कक्षा 4 का छात्र था। बृहस्पतिवार को स्कूल की जिस बस से वह घर लौट रहा था उसके फर्श की चादर फट जाने से वह नीचे गिर गया था तथा उसके ऊपर से बस का पहिया गुजर जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक के ताऊ सुधीर अग्रवाल ने बस चालक के अलावा स्कूल एवं मिल प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पड़ताल में पता चला कि बस का एक साल से फिटनेस प्रमाण पत्र तक जारी नहीं हुआ था। इसके बाद भी खटारा व जर्जर बस पुलिस, परिवहन व स्कूल प्रबंधन की मिली भगत से सड़कों पर दौड़ती रही। घटना के बाद गिरफ्तार कर चालान भेजे गए चालक नंदकिशोर मिश्रा ने भी पुलिस से खटारा बस के लिए स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया था। लेकिन घटना के 84 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मिल एवं स्कूल प्रबंधन के एक भी पदाधिकारी को न तो मुल्जिम बनाया और न ही उनके बारे में यह जानकारी करने की जहमत उठाई कि मिल और स्कूल प्रबंधन का कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी इसके लिए दोषी है। यही नहीं इस बड़ी घटना का ठीकरा भी पुलिस सिर्फ चालक के सिर फोड़ शेष दोषियों को बचाने की फिराक में जुटी हुई है।
एसओ से मिले मिल अधिकारी, की गुफ्तगू
शनिवार को बजाज शुगर मिल बरखेड़ा के अधिकारी प्रभात श्रीवास्तव और अयाज क्रियानी थाने पहुंचे और एसओ राजेश यादव से बंद कमरे में गुफ्तगू की। दोनों अधिकारियों ने थानाध्यक्ष से घटना के बारे में क्या जानकारी की इसका पुलिस ने खुलासा नहीं किया। मिल के यह दोनोें अधिकारी थाने पर आने के बाद वापस लौट गए और उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलने तक की जरूरत भी नहीं समझी।
छात्र के परिवारीजनों से मिले एसपी
बिलसंडा। एसपी जेके शाही शनिवार शाम थाने पहुंचे और घटना के बारे में एसओ से जानकारी के बाद मृतक छात्र परिवारीजनों से भी मुलाकात की। एसपी ने बताया कि परिवार वालों ने दोषी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसओ को इसके निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में दोषी बक्से नहीं जाएंगे। उन्होंनें कहा कि इस घटना से सभी को आघात पहुंचा है। इसकी पुनरावृत्ति न हो इसके लिए उन सभी स्कूल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करा दी गई है, जो मानक के विपरीत हैं। यह अभियान लगातार जारी रहेगा।