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साढ़ूू ने भतीजों से कराई  थी सुनील की हत्या

Sat, 07 May 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
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खुलासा - फोटो : pilibhit, beureu
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सुनील की हत्या साढ़ू की पत्नी से अवैध संबंधों के चलते हुई थी। साढ़ू ने ही अपने भतीजों से उसकी हत्या कराई। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दो आरोपियों को जेल भेजा है। तीसरे की तलाश में पुलिस की दबिशें जारी हैं।
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बता दें कि बरखेड़ा थाना क्षेत्र के पिपरिया मंडन निवासी 30 वर्षीय सुनील कुमार अपने साढ़ू राजेंद्र कुमार की बेटी लक्ष्मी की शादी में शामिल होने के लिए बिलसंडा के गांव तिलसंडा हसौआ गया था। 24 अप्रैल को बीसलपुर में सामूहिक विवाह समारोह में लक्ष्मी की शादी हुई। दूसरे दिन सुनील लक्ष्मी की विदा कराकर लौट आया। इसके बाद अचानक लापता हो गया। चार दिन बाद 28 अप्रैल को उसका शव तिलसंडा गांव के एक खेत में भूसे के ढेर में दबा मिला। मां रामबेटी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया और छानबीन में जुट गई। बकौल पुलिस जब परिवार एवं गांव वालों से पूछताछ की गई तो मामला प्रेम संबंध का लगा। पुलिस ने इसी लाइन पर काम किया तो घटना की सारी परतें खुल गईं। एसपी अनिल कुमार सिंह ने पत्रकारों के सामने घटना का खुलासा करते हुए कहा कि सुनील की हत्या उसके साढ़ू राजेंद्र कुमार ने ही कराई थी। सुनील के राजेंद्र की पत्नी से अवैध संबंध थे। कई बार समझाने के बाद भी जब सुनील नहीं माना तो राजेंद्र ने उसकी हत्या कराने की ठान ली। उसने अपने भतीजे शाहजहांपुर के थाना निगोही क्षेत्र के कुदिन्ना गांव निवासी अपने भतीजे गुड्डू और विनोद को बुला लिया और सुनील की हत्या की योजना बना ली। गुड्डू ने गांव के ही तोताराम को भी साथ ले लिया। गुड्डू, विनोद और तोताराम ने 25 अप्रैल की रात सुनील को पकड़ लिया और मुंह में कपड़ा ठूंसकर पास के एक खेत में ले गए। वहां उसकी हत्या कर शव को भूसे के ढेर में छिपा दिया। शनिवार को पुलिस ने विनोद और तोताराम को बमरौली तिराहे से धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया। 

एक दिन पहले भी हुआ था झगड़ा 
सुनील की हत्या से 25 घंटे पहले उसकी पिटाई भी की गई थी। आरोपी तोताराम ने बताया कि 24 अप्रैल की रात राजेंद्र ने अपने बेटे के साथ मिलकर पत्नी से सुनील के अवैध संबंधों का विरोध किया था। मगर सुनील और राजेंद्र की पत्नी दोनों ही अपनी गलती मानने को राजी नहीं हुए। इसके बाद दोनों की जमकर पिटाई की गई थी। 
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पुलिस टीम को पांच हजार का इनाम 
सुनील हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह ने पांच हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। इस टीम में एसओ बिलसंडा जितेंद्र यादव, एसआई दिनेश सिंह, कांस्टेबल वेदराम और रामरहीस शामिल रहे। 

राजेंद्र को नहीं बनाया आरोपी 
घटना का खुलासा कर पुलिस ने भले ही अपनी पीठ थपथपा ली हो लेकिन पत्रकारों के एक सवाल ने अफसरों को असहज कर दिया। जब पुलिस अधिकारियों से यह पूछा गया कि सुनील की हत्या का तानाबाना बुनने वाले राजेंद्र को आरोपी क्यों नहीं बनाया गया है तो वे असहज हो गए और इस सवाल का कोई जवाब नहीं दे सके। प्रेसनोट में भी पुलिस ने सिर्फ तीन हत्यारोपियों गुड्डू, विनोद और तोताराम का ही जिक्र किया है। हत्या राजेंद्र ने अपने भतीजों से कराई, यह तो पुलिस ने प्रेस नोट में भी स्वीकारा है लेकिन उसे आरोपी न बनाने का कारण अफसर नहीं बता पाए। कुछ देर ठहरने के बाद एसपी ने बचाव करते हुए राजेंद्र को 120 बी के तहत आरोपी बनाने की बात कही। 

साढ़ू की पत्नी से अवैध संबंध रखने पर सुनील की हत्या कराई गई थी। दो आरोपी जेल भेज दिए गए हैं। तीसरे आरोपी गुड्डू की तलाश की जा रही है। इसके अलावा हत्या की साजिश रचने वाले सुनील के साढ़ू राजेंद्र को 120 बी के तहत आरोपी बनाया जाएगा। 
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- अनिल कुमार सिंह, एसपी 
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