घटना थानाक्षेत्र के गांव नवदिया धनेष में बलवंत के घर बुधवार रात करीब 11.30 बजे घटी। गृहस्वामी का पुत्र गंगाचरन गांव में ही एक मोबाइल टावर पर चौकीदारी करने चला गया। घर में गंगाचरन की पत्नी, पिता बलवंत, मां और एक बहन मौजूद थी। बलवंत ने बताया कि रात करीब 11.30 बजे सभी सोए हुए थे कि इस बीच एक डकैत दीवार फांदकर घर में घुस गया और उसने दरवाजा खोल दिया। घर के भीतर आते ही डकैतों ने सभी को गन प्वाइंट पर लेते हुए चुप रहने की धमकी दी और उसे चारपाई से बांध दिया। बताया कि डकैतों ने पत्नी सहित बहू और उसकी पुत्री को धमकाकर पैसे और जेवर के बारे में जानकारी की। डरी सहमी महिलाओं ने डकैतों को कमरे में रुपये रखे होने की जानकारी दी। बलवंत ने बताया कि डकैत कमरे में पुत्री को शादी में बाइक देने के लिए रखे 56 हजार रुपये रुपये, पायल, बटुआ समेत करीब डेढ़ लाख के जेवरात ले गए। करीब पौन घंटे तक डाका डालने के बाद डकैत शोर न मचाने की धमकी देते हुए भाग निकले। बलवंत ने बताया कि उनकी संख्या छह थी, चार डकैत घर के भीतर और दो बाहर खड़े रहे। उनके जाते ही महिलाओं ने उसे खोला। शोर शराबा करने पर तमाम ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना रात में ही पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने रात में ही घटनास्थल का मौका मुआयना किया। घटना की तहरीर गंगाचरन ने पुलिस को दी है।
एसओ बोले, नहीं हुई घटना
घटनाओं को गोलमोल करने और झूठ बोलने में जिले की पुलिस पीछे नहीं है और यह सच कर दिखाया एसओ माधोटांडा ने। गांव नवदिया धनेष में पड़ी डकैती के बावत जब एसओ विवेक त्रिवेदी से पूछा गया तो उनका कहना था कि बदमाश घर में घुसे थे, लेकिन आहट होने पर घरवालों ने शोर मचा दिया, जिस पर बदमाश भाग निकले। घटना की उन्हें सूचना मिली थी, वह गांव भी गए और पीड़ित से बात भी की, लेकिन डकैती की पुष्टि नहीं हुई। उन्होंने तहरीर मिलने की बात से भी साफ इंकार किया है।