जिला पंचायत में चपरासी की नौकरी लगवाने का झांसा देकर तीन लाख रुपये ठगने के मामले में सीओ की जांच रिपोर्ट के बाद एसपी के आदेश पर रालोद के प्रांतीय नेता एवं जिपं सदस्य मंजीत सिंह और उसके दो साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
थाना जहानाबाद के गांव खमरिया पुल निवासी देवकांत ने जिला पंचायत सदस्य और रालोद के प्रदेश महासचिव मंजीत सिंह और उसके दो साथियों पर जिला पंचायत में उसके बेटे की नौकरी लगवाने का झांसा देकर तीन लाख रुपये की ठगी करने, रुपये वापस मांगने पर जाति सूचक अपशब्द कहने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए एसपी से शिकायत की थी। जांच शुरू होते ही जिपं सदस्य ने देवकांत को जानने से इनकार कर दिया था। इस पर केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी के समर्थकों ने देवकांत के साथ रालोद नेता मंजीत सिंह के फोटो मीडिया में दे दिए थे। एसपी के आदेश पर मामले की जांच कर रहे सीओ राजेश्वर सिंह ने प्रथम दृष्ट्या शिकायत सही पाए जाने के साथ अपनी रिपोर्ट एसपी को भेज दी थी। एसपी के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने देवकांत की ओर से मंजीत सिंह और उसके दो अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी कर ठगी करने, जाति सूचक अपशब्दों का प्रयोग कर गाली-गलौज कर पिटाई करने, धमकाने की रिपोर्ट दर्ज की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिला पंचायत सदस्य ने जान पहचान होने पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर 28 जनवरी को रुपये लेकर अपने घर बुलाया था। फरवरी में उसके पुत्र की नौकरी लगवा देने का आश्वासन दिया गया। नौकरी न लगने पर जब रुपये वापस मांगे गए, तब आरोपियों ने एक जुलाई को घर बुलाकर गाली गलौज कर धमकाया।
केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी के सचिवों ने मेरे रिश्तेदार भूपेंद्र सिंह से ठगी की थी। इसे छिपाने को मेरे खिलाफ साजिशन रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इससे मैं डरने वाला नहीं हूं।
- मंजीत सिंह, जिपं सदस्य