नगर के सिरसा रोड स्थित रिंगना बाबा मंदिर की शेषनाग और हनुमान की प्रतिमा
संदिग्ध हालत मेें क्षतिग्रस्त हो गईं। पुजारी मुरारी दास और श्रद्धालुओं
ने कोतवाली पहुंचकर कुछ लोगों पर प्रतिमाएं तोड़ने का आरोप लगाते हुए तहरीर
दी। सीओ राजेश्वर सिंह, इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह ने घटना स्थल का निरीक्षण
कर प्रतिमाएं खुद क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी। प्रतिमाएं बनवाने के
आश्वासन पर आक्रोशित लोग शांत हुए।
मंदिर की प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त होने
की जानकारी मंदिर के पुजारी मुरारी दास को चार दिन बाद मंदिर लौटने पर
शनिवार की सुबह हुई। पुजारी का आरोप है कि चार दिन पहले मंदिर के पास रहने
वाले कुछ लोगों ने शराब पीने के लिए रुपये न देने पर गाली-गलौज कर पथराव
किया था। आरोपियों के धमकाने पर भय के चलते मंदिर से चला गया था। इस दौरान
मंदिर के दोनों दरवाजे खुले रहे। ताकि, पूजा-अर्चना करने को आने वाले
श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। पुजारी ने बताया कि शनिवार को मंदिर में आने
पर मंदिर में शिवलिंग के समीप बनी शेषनाग की प्रतिमा टूटी मिली। दूसरी
मंजिल पर स्थित हनुमान की प्रतिमा का एक हाथ क्षतिग्रस्त मिला। पुजारी ने
श्रद्धालु जैतराम, सेवाराम, दिलेराम, रूम सिंह यादव, राजाराम, नन्हें लाल,
भारत, रामखिलौना, राजेश्वर, कालिका, मंशाराम के साथ कोतवाली पहुंचकर घटना
की जानकारी पुलिस को दी। पुजारी ने पुलिस को दी तहरीर में मंदिर के पड़ोस
में रहने वाले कुछ लोगों पर प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगाते हुए
तहरीर दी। सीओ राजेश्वर सिंह और इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह ने घटना स्थल का
निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। सीओ ने इंस्पेक्टर को प्रतिमाओं को ठीक
करवाने के निर्देश दिए। इस पर आक्रोशित लोग शांत हो गए।
घंटे, चावल, नगदी चोरी का भी आरोप
मंदिर
के पुजारी ने पुलिस को दी तहरीर में मंदिर से चार घंटे, 25 किलोग्राम
चावल, मिट्टी का तेल और दो सौ रुपये चोरी कर ले जाने का भी आरोप लगाया है।
मैंने
इंस्पेक्टर के साथ मौका मुआयना किया था। प्रथम दृष्टया घटिया निर्माण के
कारण मूर्तियां स्वयं क्षतिग्रस्त होना प्रतीत हो रही हैं। जिन्हें
इंस्पेक्टर से ठीक कराने को कहा गया है। पुजारी की शिकायत को ध्यान में
रखते हुए इस मामले की जांच कराई जा रही है। अगर कोई दोषी पाया जाता है तो
उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
राजेश्वर सिंह, सीओ
आस्था का केंद्र है रिंगना बाबा स्थल
सिरसा
रोड पर असम चौराहा के निकट रिंगना बाबा का मंदिर लोगों में आस्था का
केंद्र है। सप्ताह में तीन दिन यहां श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है। दो जून
को पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर में विशाल भंडारा भी हुआ था।