दलित किशोरी से गैंगरेप के मामले में पीड़िता के कोर्ट में बयान के आधार पर पुलिस ने मामले को छेड़छाड़ की धारा में तरमीम कर दिया है। जहानाबाद क्षेत्र के एक गांव की निवासी 17 वर्षीय किशोरी ने दिसंबर माह में गांव के ही दो युवकों पर कोर्ट गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस के कई बार प्रयासों के बाद भी किशोरी ने मेडिकल परीक्षण नहीं कराया था, जिससे घटना पर पुलिस का संदेह बढ़ने लगा था। पुलिस दबिश देकर धरपकड़ प्रयास के दावे करती रही और आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इधर कोर्ट में दिए पीड़िता के बयान के बाद पुलिस ने मुकदमें को छेड़छाड़ में तब्दील किया है। सीओ सदर निशांक शर्मा ने बताया कि किशोरी के इनकार करने पर मेडिकल नहीं हो सका था। इधर बयान में भी रेप की बात नहीं कही गई। इसी के आधार पर पाक्सो एक्ट व छेड़छाड़ की धारा में कार्रवाई की जा रही है।