शहर के बलवीर सिंह ने कोर्ट में अर्जी दी। बताया कि वीरपाल गुप्ता से वह बीज खरीदता था। 12 सितंबर 14 को गेहूं का बीज खरीदने के लिए उसने वीरपाल को पांच लाख रुपये एडवांस दिए। उसे सैंपल में अच्छा गेहूं दिखाया गया। रुपये लेने के बाद खराब गेहूं दिया गया। जो गेहूं उसने वापस कर दिया। उसने बताया कि गेहूं वापस करने के बाद भी वीरपाल गुप्ता ने उसकी पांच लाख रुपये की रकम वापस नहीं की। रुपये वापस मांगने पर उल्टा उससे पांच लाख की रंगदारी मांगी गई। आरोप है कि 29 नवंबर 14 को वीरपाल अपने साथियों के साथ बलवीर सिंह के कार्यालय में घुस आया और तोड़फोड़ कर पांच लाख रुपये लूट लिए। गालियां और धमकियां दी।
पीड़ित ने बताया कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। सीजेएम अब्दुल कयूम ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैैं।