धार्मिक जलसे में तोड़फोड़, पथराव, फायरिंग
नकटादाना रोड से सटे सिविल लाइन इलाके में आयोजित एक धार्मिक जलसे में जमकर बवाल हुआ। असलहों से लैस होकर आए दबंगों ने जलसे में मौजूद लोगों से मारपीट की। कुर्सियों में तोड़फोड़ डालीं, पथराव किया और हवाई फायरिंग की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद मामला शांत हुआ। इस वारदात को एक सज्जादानशीं की शह पर अंजाम देने का आरोप लगाते कोतवाली में तहरीर दी गई है। देर शाम मुकदमा दर्ज कर लिया गया। सिविल लाइन निवासी मास्टर नबी अहमद ने बताया कि शनिवार रातउन्होंने कमेटी की ओर से ईद मीलादुन्नबी को लेकर जलसे का आयोजन किया था। इसमें भिकारीपुर से मौलाना गुलाम मोईनउद्दीन आए थे। रात 10.45 बजे उनके रिश्तेदार व अन्य दर्जनों लोग असलहों से लैस होकर आ गए और मारपीट शुरू कर दी। मौलाना और बच्चों से भी हाथापाई की गई। इसके बाद कुर्सियां व अन्य सामान में तोड़फोड़ शुरू कर दी और पथराव कर हंगामा किया गया। पास के एक मकान में भी पत्थर फेंके गए। उस घर में घुसकर तोड़फोड़ की गई। इस दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों पर हवाई फायरिंग कर दहशत फलाने का आरोप है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जिससे हमलावर भाग गए। पीड़ित ने आस्ताने हशमतिया के सज्जादानशीं मौलाना जरताब रजा खां की शह पर हमला किए जाने का आरोप लगाया है। इसकी नामजद तहरीर पुलिस को दी गई है। देर शाम नबी अहमद की ओर से मोहम्मद रिजवान, सलमान आदि के खिलाफ बलवा, तोड़फोड़ करने आदि धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पहले से संजीदा नहीं रही पुलिस
जलसे की सूचना पुलिस को पहले से थी। चर्चा है कि इसको लेकर हंगामे की बात का भी अंदेशा जताया गया था। बावजूद इसके कोतवाली पुलिस लापरवाह रही। जलसे के दौरान कोई सतर्कता नहीं बरती गई। पुलिस के बयान भी बदलते रहे। पहले पुलिस ने दोनों में सुलह होने की बात कही थी। अफसर जांच करने के बाद कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
मेरा इस घटना से कोई लेनादेना नहीं है। न ही मुझे इसकी अधिक जानकारी है। घटना के वक्त मैं वहां पर मौजूद भी नहीं था। दोनों पक्ष आपस में रिश्तेदार है, मेरा नाम गलत लिया जा रहा है।
मौलाना जरताब रजा खां, आस्ताने हशमतिया के सज्जादानशीं
दोनों पक्षों से घटना की तहरीर मिली है। मामला जमीन के विवाद को लेकर साले बहनोई के बीच हुआ है। नबी अहमद की ओर से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। - इंद्र सिंह, कोतवाल