कोतवाली क्षेत्र के गांव रढै़ता में एक घर में मांस की पोटली फेंके जाने से बवाल हो गया। घटना के विरोध में जुटे लोगों ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया तो गांव में तनाव पैदा हो गया। खबर मिलने पर पुलिस गांव पहुंच गई और गुस्साए लोगों को शांत कर माहौल को बिगड़ने से बचाया।
गांव रढै़ता निवासी नत्थूलाल गुप्ता ने बताया कि मंगलवार रात किसी समय असामाजिक तत्वों ने उनके घर में करीब पांच किलो मांस की पोटली फेंक दी। बुधवार सुबह जब घर के लोग जागे तो आंगन में मांस की पोटली पड़ी देखकर हैरान रह गए। गांव के लोगों को जब इसकी जानकारी हुई तो नत्थूलाल के घर पर भीड़ जमा हो गई। नत्थूलाल ने कोतवाली पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस के आने से पहले ही ग्रामीणों ने मुख्य चौराहे पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थानीय अभिसूचना इकाई के तहसील प्रभारी आरबी सिंह ने किसी तरह भीड़ को शांत किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाकर जाम खुलवा दिया। इसी दौरान थाना प्रभारी केपी सिंह भी पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंच गए। पुलिस ने मांस की पोटली कब्जे में ले ली। नत्थूलाल ने कोतवाली में मामले की तहरीर दी है, जिसमें मांस की पोटली फेंकने वालों को अज्ञात बताया गया है। पुलिस ने इस संबंध में शाम तक कोई अभियोग पंजीकृत नहीं किया था। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पोटली में मांस किस पशु का है, यह पता लगाने के लिए मांस को जांच के लिए भेजा गया है।
इधर, पुलिस ने बिना जांच कराए ही यह जान लिया कि फेंका गया मांस गोवंशीय पशु का नहीं था। पुलिस ने मांस को पोटली को गड्ढे में दबा दिया है। इस बाबत सीओ बीसलपुर बीपी सिंह का कहना है कि मामला गोमांस से जुड़ा नहीं है। दोनों पक्षों के बीच प्रधानी की रंजिश चल रही है। संभवत: इसी को लेकर शरारत की गई थी। बीसलपुर पुलिस से मांस दफन कराने की जानकारी मिली है।