सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ने थाना जहानाबाद के डडिया शुक्ल गांव में हुए प्यारेलाल हत्याकांड की आरोपी विद्या देवी की जमानत खारिज कर दी।
गांव डडिया शुक्ल के ओमप्रकाश ने 28 जून 2015 को थाना जहानाबाद में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि उसके भाई रामकुमार की शादी अप्रैल महीने में हुई थी। शादी में ताऊ के परिवारीजनों को न्योता नहीं दिया था। इससे वह लोग नाराज हो गए और राकेश, जानकी प्रसाद इनकी मां विद्यादेवी व वीरेंद्र कुमार ने वादी के पिता प्यारेलाल को रात 10.30 अपने घर के सामने घेर लिया और लोहे की राड व लाठी डंडों से मारपीट कर सिर व शरीर पर गंभीर चोंटें पहुंचाई। इससे प्यारेलाल की मौत हो गई।
घटना को कमलेश, रामकुमार, प्रवेश कुमारी आदि ने देखा था। प्रभारी डीजीसी काजी रिफाकत हुसैन फरहान ने जमानत का विरोध किया। बचाव पक्ष ने विद्या देवी को 60 वर्षीय वृद्धा बताकर जमानत की गुहार की। मामले की सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ने मामला गंभीर पाकर विद्यादेवी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।