एक बार फिर खुलासा कर वाहवाही लूट रही पुलिस कटघरे में आ खड़ी हुई है। छह दिन पूर्व नौगवां चौराहा से चोरी गए बिजली विभाग के तारों को बरामद किया गया। तारों को वाहन में लादकर ले जाने और बरेली में खरीदने वाले चार लोगों की गिरफ्तारी तो की गई, लेकिन चोरी गए इन तारों को ट्रांसपोर्ट तक लाने वाले एक ठेकेदार के करीबी को छोड़ने का आरोप पुलिस पर लगा है।
नौगवां ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर बिजली विभाग के तार उतरवाए गए थे। जिनको वहीं पर इकट्ठा किया गया था। नगर क्षेत्र के बिजली विभाग के जेई शरफुद्दीन की ओर से सुनगढ़ी थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार नौगवां चौराहा पर रखा बीस मीटर तार जिसकी कीमत 20,240 रुपये थी, चोरी हो गया था। मंगलवार शाम को पुलिस ने वारदात का खुलासा किया। जिसमें काला मंदिर निवासी ट्रांसपोर्टर रमेशचंद्र, पिकअप चालक मोहल्ला सुनगढ़ी का रमेश कश्यप, कबाड़ी बरेली जिले के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के नगरिया भट्टा निवासी नत्थू कबाड़ी और सीबी गंज के ,खड़उआ के रहने वाले बेचेलाल की गिरफ्तारी दर्शाते हुए चोरी गए तारों की बरामदगी दिखाई है। पुलिस ने बताया कि तारों को ट्रांसपोर्टर और चालक ले गए। जिसके बाद बरेली में ले जाकर बेचेलाल को दिया। बेचेलाल ने नत्थू कबाड़ी को बेच दिया था। इधर पकड़े गए ट्रांसपोर्टर और पिकअप चालक ने पुलिस की कार्रवाई को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि तार चोरी के होने की कोई जानकारी उनको नहीं थी। शहर के एक ठेकेदार का करीबी ट्रांसपोर्ट पर 12 अक्तूबर की सुबह तार दे गया था। उसने अपनी मौजूदगी में ही करीब साढ़े पांच कुंतल तार पिकअप पर लोड कराए थे। बरेली में ट्रांसपोर्ट का हिसाब बेचेलाल ने कर दिया और वह वापस आ गए थे। बाद में पुलिस ने उनको तीन दिन पहले पकड़ा तो उन्होंने पूरा सच बता दिया था। जिस पर पुलिस ने चोरी के बताए जा रहे तारों को ट्रासंपोर्ट पर छोड़ने वाले उक्त युवक को हिरासत में भी लिया, लेकिन बाद में छोड़ दिया गया। पकड़े गए लोगों ने पूरे मामले में ठेकेदार के भी शामिल होने का आरोप लगाया।
तारों की बरामदगी कर चार लोगों के पकड़े जाने की जानकारी सुनगढ़ी पुलिस से मिली थी। एक आरोपी को छोड़ने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। सुनगढ़ी पुलिस से जानकारी की जाएगी। अगर कोई गड़बड़ी हुई है, तो जांच कर सख्त कार्रवाई होगी।
निर्मल सिंह विष्ट, सीओ
जिस युवक पर पकड़े गए आरोपी मुख्य आरोपी होने का आरोप लगा रहे है, वह इस प्रकरण में गवाह है। उसी के जरिए पुलिस पकड़े गए लोगों तक पहुंच सकी थी। लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
इंद्रजीत सिंह भदौरिया, आसाम चौकी प्रभारी