केरोसिन डालकर जिंदा जलाए जाने वाली युवती ने रविवार रात को दम तोड़ दिया। उससे चार साल तक प्रेम संबंध बनाए रखने वाले युवक ने ही पीछा छुड़ाने के लिए उसे पीलीभीत अपने घर बुलाकर जला दिया था। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिवार वालों को सौंप दिया। उधर, युवती को जलाने का आरोपी मकान मालिक का बेटा यूनुस परिवार समेत फरार है।
पोस्टमार्टम हाउस पर युवती के भाई ने बताया कि वह पीलीभीत के मोहल्ला डालचंद चार साल पहले यूनुस के घर अपने बहन भाइयों के साथ किराए पर रहता था और पीलीभीत में ही ननिहाल होने के कारण उसे कुछ सहयोग भी मिला था। पिता के इंतकाल के बाद उसके घर कारचोबी करके मिलने वाले पैसों से चलता था और वह एक दुकान पर छोटी सी नौकरी करता था। काम ठीक न चलने पर तंगी हुई तो तीन साल पहले वह पीलीभीत से मां बहन और परिवार को लेकर जयपुर चला गया था। दस दिन पहले बीमार मामा को देखने वह मां और बहन संग बरेली आया था। उसकी मां ने बताया कि रविवार को दोपहर ढाई बजे लड़की के पास फोन आया तो वह पीलीभीत जाने की बात कहने लगी, लेकिन उन्होंने शब-ए-बारत हो जाने के बाद ही जाने की बात कहकर उसे रोका, लेकिन वह नहीं मानी और पीलीभीत चली गई। इसके बाद से उसका फोन बंद हो गया और रात साढे़ ग्यारह बजे आए पुलिस के फोन से पता चला कि उसकी बहन को मकान मालिक के बेटे यूनुस ने दूसरी युवती से शादी करने के बाद पीछा छुड़ाने को जिंदा जला दिया है। लड़की के भाई का कहना था कि अभी पोस्टमार्टम के बाद वह अपनी बहन के शव का दफीना करेगा, इसके बाद पीलीभीत जाकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएगा। उधर, पीलीभीत के सीओ सिटी निर्मल सिंह विष्ट ने बताया कि पुलिस को अभी कोई तहरीर नहीं मिली है, इसलिए रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकी है। तहरीर मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।