सट्टा कारोबारियों पर पुलिस भले ही अभी पूरी तरह शिकंजा नहीं कस सकी है, लेकिन सूची में शामिल किए गए 14 में से एक की गिरफ्तारी होते ही खलबली मच गई है। देर रात तक पकड़े गए सटोरियों को छुड़ाने को जद्दोजहद होती रही। वहीं, अन्य धंधेबाज अब पुलिस का शिकंजा कसता देख राजनीतिक आकाओं की शरण में जाने लगे हैं।
पुलिस महकमे की ओर से सटोरियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में गुरुवार को एक बड़े सटोरिये की धरपकड़ की गई। हालांकि, पुलिस ने जब उसे पकड़ा तो उसके पास से चरस बरामद हुई। इसके बाद से सट्टे के धंधेबाजों में खलबली मची हुई है। सूत्रों के अुनसार, चरस के साथ पकड़े गए सटोरिये लाला को छुड़ाने के लिए काफी देर तक पुलिस पर दबाव बनाया जाता रहा। वहीं सौदेबाजी के भी प्रयास किए गए। बात न बनने पर अब सट्टा कारोबारियों की धड़कने तेज होने लगी है। चर्चा है कि पुलिस पर दबाव बनाने के लिए कारोबारी अपने आकाओं की शरण में पहुंचना शुरू हो गए है। खुद को कार्रवाई से बचाने के लिए जुगत में लग गए है। वहीं, अफसर बकाया सूचीबद्ध सटोरियों की भी जल्द गिरफ्तारी के दावे कर रहे है। हालांकि, ऐसे में अभियान को लेकर पुलिस की सख्ती पर संशय की स्थिति बन गई है। सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट ने बताया कि किसी तरह का कोई दबाव पुलिस पर नहीं है। सूची में शामिल सभी सटोरियों की धरपकड़ की जाएगी। लगातार दबिश दी जा रही है।