पुलिस अधीक्षक सभाराज ने पहली क्राइम मीटिंग में थानेदारों को पुलिसिंग का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि नेताओं के दबाव में काम न करें। यदि वे दबाव न झेल सके तो थाना छोड़ दें। इसके अलावा उन्होंने कहा थाना स्तर पर होने वाले प्रत्येक गतिविधि के लिए थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी होगी।
जिले का चार्ज संभालने के बाद सोमवार को पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन स्थित सभागार में पहले पुलिस कर्मियों के साथ पुलिस सम्मेलन के तहत विभागीय जानकारी, योजनाएं एवं पुलिस कर्मियों की समस्याओं पर चर्चा की। इसके बाद थानाध्यक्षों के साथ अपराध समीक्षा बैठक की। एसपी ने कहा चुनाव का समय नजदीक आ गया है ऐसे में सभी थानाध्यक्ष अपने क्षेत्र की सूचनाएं एकत्र कर चुनाव तैयारियां में जुटे। अपराध नियंत्रण पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राजनैतिक दबाव में काम न करें। थानाध्यक्ष अपने विवेक से काम करें। थाने आने वाली प्रत्येक तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जाए। इसमें लापरवाही किसी भी सूरत से अक्षम्य नहीं होगी। उन्होंने कहा थाने एवं थाना क्षेत्र के प्रत्येक गतिविधि की जिम्मेदारी थानाध्यक्ष की है। अपने स्टाफ को नियंत्रण और भरोसे में रखकर काम लें। अपराध समीक्षा के दौरान उन्होंने एक वर्ष एवं छह से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं को जल्द समाप्त करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में एएसपी डॉ. राम सुरेश यादव, सीओ निर्मल विष्ट, जगतराम जोसी, बीपी सिंह, भदौरिया, आरआई घनश्याम सिंह सहित सभी थानाध्यक्ष मौजूद रहे।