पूरनपुर कोतवाली के हवालात में दो युवकों की मौत के मामले में तत्कालीन कोतवाल समेत घिरे पुलिस वालों को बचाने में पुलिस जुट गई है। चार महीने बाद पुलिस ने एक नई कहानी गढ़ दी है। अब पुलिस अब कह रही है कि घटना के दिन दो अज्ञात युवक हवालात में बंद दोनों युवकों को चाय पिलाकर गए थे। इसके बाद से ही उनकी हालत बिगड़ी और बाद में मौत हो गई थी। पुलिस अब उन दोनों अज्ञात युवकों का पता लगाने में जुट गई है।
मालूम हो कि 30 मार्च को पूरनपुर पुलिस ने मोहल्ला रजागंज निवासी सद्दाम और शकील अहमद को चरस रखने के आरोप में पकड़ा था। 31 मार्च को दोनों की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। इसके बाद गुस्साए घरवालों ने जमकर हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया था। तब सद्दाम की पत्नी शवीना की तहरीर पर तत्कालीन कोतवाल शक्ति सिंह, एसआई शकील अहमद, राजेश मौर्या, कांस्टेबल मलिक कश्मीरूल, फईम सीएचसी के डॉ. अभिनव पांडे और छह-सात अन्य पुलिसकर्मियों पर हत्या कर साक्ष्य मिटाने, षड़यंत्र रचने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। ढाई महीने बाद बिसरा रिपोर्ट आने पर दोनों की मौत जहर से होना बताई गई, लेकिन अभी तक पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। जहर हवालात में कैसे पहुंचा और किसनेे दिया, यह पता नहीं लग सका है। चार महीने बाद अब पुलिस ने एक नई कहानी गढ़ दी है। पुलिस का कहना है कि मरने से पहले दोनों युवकों को हवालात में दो अज्ञात युवक चाय पिलाने आए थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि चाय में ही जहर दिया गया होगा। पुलिस दावा कर रही है कि यह तथ्य जांच-पड़ताल के दौरान सामने आया है।
मामले की जांच अभी जारी है। हवालात में दोनों युवकों को चाय पिलाने वाले अज्ञात युवकों की तलाश की जा रही है। जल्द पूरे प्रकरण का खुलासा हो जाएगा।
-जगतराम जोशी, सीओ जहानाबाद