वारंटियों की धरपकड़ के लिए एडीजी के आदेश पर चलाए गए विशेष अभियान में चार थानों की पुलिस फिसड्डी साबित हुई। एक वारंटी भी गिरफ्तार नहीं किया जा सका। जबकि बाकी दस थानों की पुलिस ने 14 वारंटी धर दबोचे। जिनको न्यायालय के लिए चालान कर दिया गया है। पिछले काफी समय से थाना स्तर पर वारंटियों की धरपकड़ को लेकर लापरवाह रवैया अपनाया जा रहा है। पीड़ित पक्ष की ओर से लगातार वारंट जारी होने के बाद भी आरोपियों की धरपकड़ न करने की शिकायतें सामने आ रही थीं। न्यायालय से भी इसको लेकर नाराजगी जताई जा चुकी है। ऐसे में कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए एडीजी बरेली जोन ने वारंटियों की धरपकड़ के निर्देश दिए। एडीजी के अभियान की एसपी कलानिधि नैथानी से जानकारी मिलने के बाद मंगलवार रात विशेष अभियान चलाकर धरपकड़ कराई गई। इसमें 14 वारंटी गिरफ्तार किए गए। घंटों की छापेमारी के बाद सुनगढ़ी, जहानाबाद, न्यूरिया, बीसलपुर ने दो-दो वारंटी पकड़े। अमरिया, बिलसंडा, दियोरिया, सेहरामऊ, बरखेड़ा, माधोटांडा ने एक-एक वारंटी गिरफ्तार किया। खास बात ये रही कि इस अभियान में कोतवाली,गजरौला, पूरनपुर, हजारा थानों की पुलिस की गिरफ्तारी शून्य रही। हालांकि गजरौला के एसएसआई सुधीर कुमार सिंह ने जिला बदर तकिया गांव निवासी भूरा पुत्र सोहनलाल को पकड़ने में कामयाबी हासिल की। एसपी ने बताया कि अपराधियों का जनता के बीच भय समाप्त करने के लिए गिरफ्तारी कराई गई है। अपराधी जेल में रहेंगे तो स्वत: भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण मिलेगा। इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे। जिन थानों की पुलिस धरपकड़ में कामयाब नहीं हो सकी है, उनको भी गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।