किशोरी को बंधक बनाकर गैंगरेप करने के मामले में पुलिस ने खेल कर दिया। पीड़िता की मां ने पुलिस को पुत्री के साथ गैंगरेप होने की तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज न कर खेल कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पीड़िता के साथ शादी न करने पर जान से मार देने की धमकी देने की एनसीआर दर्ज कर अपना पल्ला झाड़ लिया है।
थाना क्षेत्र की एक महिला ने बताया कि उसकी 12 वर्षीय पुत्री को उत्तराखंड की कोतवाली कटीमा के गांव बनगवां निवासी छिंदर सिंह तमंचे के बल पर 26 जुलाई को अगवा कर ले गया था और उसे बंधक बनाकर अपने तीन-चार साथियों के साथ गैंगरेप किया। 31 जुलाई को उसकी बेटी किसी तरह से आरोपी के चंगुल से छूटकर घर पहुंची और पूरी घटना बताई। शनिवार को माता-पिता के साथ पीड़िता थाने पहुंची और घटना की तहरीर पुलिस को दी थी। पुलिस ने जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही। आज पीड़िता की मां दोबारा थाने पहुंची और रिपोर्ट दर्ज करने को कहा तो पुलिस ने एफआईआर में खेल कर दिया। पुलिस ने महिला की ओर से आरोपी के खिलाफ बेटी से शादी न करने पर जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराने की भी जरूरत नहीं समझी। पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़िता व उसके परिवार वालों में रोष है।
एसओ दलवीर सिंह का कहना है कि मामले की जांच की गई तो मामला प्रेम संबंधों का पाया गया। किशोरी के साथ गैंगरेप होने की बात की पुष्टि नहीं हुई है। महिला ने जो तहरीर दी। उसी के आधार पर एनसीआर दर्ज की गई है।
यदि पीड़िता के साथ गैंगरेप हुआ है तो रिपोर्ट दर्ज कर उसका मेडिकल परीक्षण कराना चाहिए था। गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं की गई। इस बात की जांच कराएंगे। -जेके शाही, एसपी