फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शराब पकड़ने गई पुलिस पर हमला, तीन सिपाही घायल

Wed, 20 Sep 2017 07:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  गजरौला/पीलीभीत।
विज्ञापन
शराब तस्करी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
गजरौला क्षेत्र के पिपरिया भजा गांव में हुई घटना
विज्ञापन

चार आरोपी गिरफ्तार, संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज
पिपरिया भजा गांव के जंगल में कच्ची शराब पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। शराब बना रहे दबंगों ने साथियों को बुलाकर तीनों सिपाहियों की लाठी डंडे और धारदार हथियार से पिटाई कर दी। इसकी सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जिसके बाद चार आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया जा सका। सात अन्य भागने में कामयाब रहे। आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में गजरौला पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
गजरौला थाना के सुहास चौकी पर तैनात सिपाही सतेंद्र, जगत सिंह और नरेंद्र को मंगलवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि पिपरिया भजा गांव के जंगल में कच्ची शराब बनाई जा रही है। इस पर तीनों सिपाही बाइक से दबिश देने चले गए। बताए गए स्थान पर नाले के पास पुलिस ने शराब बना रहे एक आरोपी गुरसेवक सिंह को मय उपकरण धर दबोचा। इसकी सूचना थाना पुलिस को दी गई। जिस पर एसएसआई सुधीर कुमार सिंह टीम के साथ रवाना हो गए। इधर, तीनों सिपाही पकड़े गए आरोपी को लेकर चले ही थे कि कुछ दूरी पर पहुंचते ही पकड़े गए आरोपी के फरार साथी असलहों से लैस होकर आ धमके और पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। लाठी-डंडे और तलवार से हमला कर मारपीट शुरू कर दी। जिसमें तीनों सिपाही घायल हो गए। इस बीच पहले से सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एसएसआई ने पुलिसकर्मियों से मारपीट होता देखा तो दंग रह गए। सख्ती से हमलावरों पर पुलिस ने काबू करने की कोशिश की। सूचना मिलने पर सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, एसएचओ नरेंद्र यादव भी मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंच गए। जिसके बाद पुलिस ने गुरसेवक, उसके दो बेटे देवेंद्र, हरवेंद्र और मेग सिंह को धर दबोचा, जबकि सात अन्य चकमा देकर भागने में सफल रहे। आरोपियों के पास से तलवार, लाठी आदि बरामद हुए। जिनको पुलिस ने कब्जे में ले लिया। थाना लाकर सभी से सख्ती से पूछताछ कर साथियों के नाम जुटाए गए। जिसके बाद जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा डालना समेत संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। घायल सिपाही जगत सिंह और नरेंद्र की हालत गंभीर है। उनको शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  
विज्ञापन


पहले भी पुलिस पर हमला कर चुके शराब माफिया 
कच्ची शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अफसरों के अभियान के दौरान पुलिस पर हमला करने की घटना जनपद में नई नहीं है। इससे पहले भी शराब पकड़ने गई पुलिस पर बेखौफ होकर धावा बोला गया। साल 2014 में कच्ची शराब पकड़ने को तत्कालीन बरखेड़ा एसओ दलवीर वर्मा ने एक गांव में दबिश दी थी। जिसमें वह खुद भी मौजूद थे। इस दौरान उन पर हमला बोल दिया गया। जिसमें एसओ समेत सात पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस पर लूट का मुकदमा दर्ज भी हुआ। इसके अलावा न्यूरिया में भी पुलिस की पिटाई की गई। हाल ही में हजारा थाना क्षेत्र में एक दरोगा से मारपीट की गई थी। इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी है। जिसके बाद कुछ दिनों तक तो सख्ती बरती गई, लेकिन इसके बाद खाकी खुद अपनों की पिटाई को भुला गई। राजनीतिक संरक्षण तो कभी आर्थिक लाभ के लालच में शराब माफियाओं के हौसले बुलंद किए जाते रहे। अभिलेख दुरुस्त करने को छिटपुट कारोबारी पकड़ कर पीठ थपथपा ली गई। नतीजतन बेखौफ हो चुके शराब कारोबारियों ने एक बार फिर खाकी पर जानलेवा हमला बोल दिया।  
विज्ञापन


आरोपियों पर लगेगी गैंगस्टर  
चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया है। कुछ और नाम सामने आए है, जिनकी गिरफ्तारी को टीमें दबिश दे रही है।  
धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें