शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान छात्रा की मौत के बाद घरवालों ने इलाज में लापरवाही और गलत इंजेक्शन से मौत होने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। गुस्साए लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ भी की। उनकी अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ से जमकर नोकझोंक भी हुई। सूचना पर पहुंची सुनगढ़ी पुलिस ने सख्ती कर भीड़ को शांत किया। छात्रा के पिता की तहरीर पर डॉक्टर और कंपाउंडर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इधर, डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही से मौत होने के आरोप को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने भी छात्रा के घरवालों के खिलाफ मारपीट और अस्पताल में तोड़फोड़ करने की तहरीर दी है।
जहानाबाद थाना क्षेत्र के गांव भौना निवासी किसान शिव कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी 14 वर्षीय पुत्री गीतांजलि उर्फ गीता को पीलिया हो गया था। हीमोग्लोबिन कम होने पर गुरुवार शाम सात बजे उसे गांधी स्टेडियम रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उस वक्त गीता की हालत गंभीर नहीं थी, सिर्फ खून चढ़वाने के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार सुबह भी गीता वह सबसे ठीक से बात कर रही थी। आरोप है कि अस्पताल के डॉ. मनीष मिश्र के कहने पर कंपाउंडर कृष्णपाल ने गीता को सुबह करीब नौ बजे एक इंजेक्शन लगाया। कुछ मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई।
गीता की मौत से घरवाले इस कदर उत्तेजित हो गए कि उन्होंने डॉक्टर और कंपाउंडर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा और स्टाफ से अभद्रता शुरू कर दी। विरोध पर मारपीट और तोड़फोड़ की। घरवालों का कहना है कि डॉक्टर ने ही अपने स्टाफ के साथ उन लोगों से मारपीट की थी और शव को चुपचाप ले जाने की बात कहकर चले गए थे। सूचना पर पहुंची सुनगढ़ी पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस ने शिवकुमार की तहरीर पर डॉक्टर मनीष मिश्र और कंपाउंडर कृष्णपाल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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पुलिस ने दिखाई सख्ती, तब शांत हुए लोग
छात्रा की मौत के बाद लोगों की भीड़ बढ़ती देख अस्पताल के कर्मचारी गायब हो गए थे। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घरवालों से तहरीर देने को कहा लेकिन वे पुलिस से उलझ गए। उनकी मांग थी कि आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। हंगामा बढ़ने की जानकारी मिलने पर इंस्पेक्टर अतुल प्रधान मौके पर पहुंचे। उन्होंने भीड़ को सख्ती से शांत कराया। तीन लोगों को हिरासत में भी लिया गया। हालांकि उन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
कक्षा चार में पढ़ती थी गीता
गीतांजलि उर्फ गीता शहर के एक निजी स्कूल में कक्षा चार में पढ़ती थी। गुरुवार को भी वह स्कूल गई थी। बेटी की मौत का पता लगने के बाद से मां विमला बदहवाश है। हंगामे के बीच बार-बार वह गश खाकर बेहोश हो जाती।
सीसीटीवी फुटेज चेक करेगी पुलिस
दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे पर लगाए गए अभद्रता, मारपीट और तोड़फोड़ के आरोपों की जांच के लिए पुलिस अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक करेगी।
गीता को जब घरवाले अस्पताल लाए तब उसकी दशा गंभीर थी। खून की बेहद कमी थी। बुखार होने के कारण पहले खून नहीं चढ़ाया गया। बुखार कम होने पर उसे खून चढ़ाया जा रहा था। पेट दर्द की शिकायत होने पर उसको इंजेक्शन और दवा दी गई। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। उसकी हालत पहले से ही नाजुक थी। घरवालों को स्थिति से अवगत करा दिया था। मौत के बाद घरवालों ने अस्पताल के महिला स्टाफ से मारपीट और अभद्रता की। शीशे, दरवाजे तोड़ दिए। घटना की तहरीर पुलिस को दी गई है।
डॉ. मनीष मिश्र, जनरल सर्जन
गीता के पिता की तहरीर पर डॉक्टर और कंपाउंडर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। दूसरे पक्ष से भी तहरीर मिली है। उस पर भी मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
- निर्मल बिष्ट, सीओ जहानाबाद