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ग्रामीणों के आक्रोश के आगे बेबस दिखे अफसर 

Tue, 23 May 2017 11:06 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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ग्रामीणों के आक्रोश के आगे बेबस दिखे अफसर
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मंगलवार शाम करीब चार बजे मंदिर तोड़े जाने की बात आसपास के गांवों में आग की तरह फैल गई। जिसके बाद एक-एक कर ग्रामीणों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। हर कोई मंदिर के 60 साल पुराना होने की बात कहकर इसे व्यापारी से मिलीभगत के बाद तुड़वाने का आरोप लगाने लगा। दो साल से मंदिर में पूजा पाठ कर रहे जहानाबाद के लालपुर निवासी बाबा राममोहन दास का कहना था कि उन पर पहले रुपये का लालच देकर मंदिर हटाने का दबाव बनाया गया। इसमें कामयाब न होने पर प्रशासन से मिलकर कार्रवाई करा ली गई। चंद मिनट में ही हिंदू जागरण मंच, युवा वाहिनी समेत कई हिंदू संगठनों के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। शाम पांच बजे हाईवे निर्माण को रखे पत्थर व ईंटों से हाईवे को जाम कर दिया। ट्रैक्टर-ट्रॉली से महिला-पुरुष मौके पर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी। अगर किसी ने जाम से निकलने की कोशिश की तो उसको भी भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा। सिपाही से लेकर अफसर हर कोई इसको लेकर बेबस दिखाई दिया। भीड़ के सवालों के जवाब भी किसी के पास नहीं थे। हर कोई ग्रामीणों के आक्रोश से खुद को बचाता दिखा। ग्रामीणों का कहना था कि अतिक्रमण की जद में एक पुलिस चौकी, एक अन्य धार्मिक स्थल और ऐसे कई प्रतिष्ठान हैं, जिन पर कार्रवाई नहीं की गई है।  मामला लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा होने के बाद भी मंदिर से आधी अधूरी तैयारी के बीच कार्रवाई अचानक क्यों कर दी गई? आज तक कोई नोटिस क्यों नहीं दिया गया? अगर प्रशासनिक टीम की मिलीभगत नहीं है, फिर व्यापारी टीम के साथ आकर मारपीट कैसे कर गया? ऐसे ही कई सवालों पर अफसर भीड़ से घिरते और बेबस दिखे। लोगों के न मानने पर उनको मनाने की जुगत भिड़ाते हुए हिंदू संगठनों के नेताओं की आवभगत की जाने लगी। 
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