प्रेम-विवाह के बाद नेपाली युवती को उसकी ससुराल से शस्त्रों के बल पर जबरन ले जाने के मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एएससी विकास कुमार वैद्य ने सोमवार को यहां पहुंचकर प्रेम विवाह करने वाले युवक के परिवार वालों और पड़ोसियों के बयान लिए।
कस्बा निवासी रामनिवास गुप्ता का पुत्र अंकुश गुप्ता नेपाल के कस्बा धनगढ़ी में कारोबार करता था। तीन माह पहले प्रेम प्रसंग के चलते अंकुश धनगढ़ी की युवती वंदना ओझा को ले आया था। दोनों ने लखनऊ में आर्यसमाज मंदिर में विवाह कर लिया और फिर कस्बे में आकर रहने लगे। यहां ठाकुरद्वारा मंदिर भी दोनों ने सात फेरे लिए थे।
इधर, कुछ दिन बाद जब युवती के घरवालों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने अन्य नेपाल के लोगों के साथ कस्बे में आकर अंकुशश के घर पर धाव बोल दिया॥ ये लोग दरवाजा तोड़कर शस्त्रों के दम पर जबरन वंदना को उठा ले गए थे। यह मामला उस समय काफी चर्चित रहा था। नेपाल से 40 किमी दूर भारतीय क्षेत्र में हथियार लेकर बिना पुलिस की अनुमति के आने पर प्रतिबंध है। सो इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कस्बे के भाजपा नेताओं ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से शिकायत की थी। उधर, अंकुश गुप्ता के पिता रामनिवास गुप्ता ने एसओ दुर्गेश मिश्र पर रिपोर्ट दर्ज करने के दौरान धारा बदलने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इसकी शिकायत राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद से भी की गई। जिसके बाद राज्यमंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस प्रकरण की जांच कराने और एसओ को प्रदेश के किसी बार्डर क्षेत्र में तैनात न करने की मांग की थी। इधर, मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस मामले की पुलिस ने जांच शुरू की। रविवार शाम कस्बे में पहुंचे एएसपी विकास कुमार वैद्य ने अंकुश के घर मिलीं उनकी दादी विमला गुप्ता और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए। इसके बाद उन्होंने थाने पहुंचकर पुलिस के भी बयान दर्ज किए।