बृहस्पतिवार को कोतवाली पहुंची शकील की मां सगीरन को शकील ने जहरीला पदार्थ देने की जानकारी दी थी। इसके अलावा शकील अपनी मां को कुछ नहीं बता पाया और जमीन पर गिर गया। सगीरन का आरोप है कि पुत्र की हालत बिगड़ने पर पुलिस ने उसे कोतवाली से भगा दिया था। घर पहुंचने के कुछ देर बाद ही उसे पुत्र की मौत की सूचना मिली। इससे उसके परिवार वालों में कोहराम मच गया।
शकील का सात माह पहले ही पूरनपुर देहात के मोहल्ला ढका की गुलिस्ता से निकाह हुआ था। गुलिस्ता छह माह के गर्भ से है। शकील बुधवार तीन बजे बाजार जाने की जानकारी पत्नी को देकर ससुराल से निकला था। गुलिस्ता के अनुसार एक हफ्ते से वे दोनो मायके में ही थे। शकील के पिता शफीक अहमद ने बताया कि छह भाई और तीन बहनों में शकील एक भाई से बड़ा था। गढवाखेड़ा में पंक्चर की दुकान चला कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। गुलिस्ता ने बताया कि बुधवार की शाम को घर पहुंची उसकी सास सगीरन ने शकील के कोतवाली में बंद होने की जानकारी दी। सगीरन ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह करीब दस बजे शकील से मिलने कोतवाली गई थी। जब उसने शकील से कुछ पूछना चाहा, तब शकील ने जहर देने की जानकारी दी। इससे पहले शकील का भाई भी कोतवाली गया था। तब तीन-चार पुलिस वाले उसे हवालात से पकड़कर निकाल रहे थे। सगीरन का आरोप है कि पुलिस ने उसके पुत्र की हत्या कर दी। उसके पुत्र पर पुलिस ने फर्जी ढंग से नशीले पदार्थ की बरामदगी दिखाकर कार्रवार्ई की। इससे पहले एक बार और पुलिस उसके पुत्र को फर्जी चोरी के आरोप में जेल भेज चुकी है। तब भी उसके पुत्र ने चोरी नहीं की थी।