वीरपाल की हत्या के आरोप में नोखेलाल को दोषी पाते हुए जनपद एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने आजीवन कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। एक आरोपी दयाराम की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई थी। थाना बिलसंडा के गांव धनगवां की ज्ञानवती ने नौ जुलाई 2013 बिलसंडा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार उसके पति वीरपाल ने चार बीघा जमीन नोखेलाल की पहली पत्नी से खरीदी थी, जिस पर नोखेलाल ने आपत्ति जताई थी। इसी रंजिश के चलते नौ जुलाई 2013 को दिन के 11 बजे नोखेलाल ने अपने भाई दयाराम के साथ मिलकर तमंचे से गोली मारकर वीरपाल की हत्या कर दी थी। विवेचना के उपरांत पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने आरोपी नोखेलाल को दोषी पाते आजीवन कारावास एवं एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। राज्य सरकार की ओर से पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता अमित पाठक ने की।